जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने किया जिला महिला चिकित्सालय का निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ ऑल एनसीआर





दिनांक: 15 अप्रैल 2026 अस्पताल में मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़ें: जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़,बॉक्स: मरीजों एवं उनके तीमारदारों से संवाद स्थापित कर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं एवं संभावित असुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। अधिकांश मरीजों एवं उनके परिजनों द्वारा अवगत कराया गया कि अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं संतोषजनक हैं, चिकित्सक समय से जांच हेतु उपलब्ध रहते हैं, भोजन की गुणवत्ता उत्तम है तथा किसी प्रकार का सुविधा शुल्क नहीं लिया जाता है।गाजियाबाद। जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ द्वारा जिला महिला चिकित्सालय, गाजियाबाद का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भूतल से तृतीय तल तक स्थित विभिन्न वार्डों का क्रमवार निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया। निरीक्षण के प्रारम्भ में एक वयस्क व्यक्ति द्वारा अस्पताल में सुविधा शुल्क लिए जाने की शिकायत प्रस्तुत की गई, जिस पर जिलाधिकारी द्वारा तत्क्षण प्रकरण की जांच के आदेश प्रदान किए गए। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने वार्डों, पंजीकरण काउंटर, पोषण वार्ड एवं अन्य वार्डेां में उपस्थित मरीजों एवं उनके तीमारदारों से संवाद स्थापित कर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं एवं संभावित असुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।अधिकांश मरीजों एवं उनके परिजनों द्वारा अवगत कराया गया कि अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं संतोषजनक हैं, चिकित्सक समय से जांच हेतु उपलब्ध रहते हैं, भोजन की गुणवत्ता उत्तम है तथा किसी प्रकार का सुविधा शुल्क नहीं लिया जाता है। साथ ही यह भी बताया गया कि चिकित्सकों द्वारा बाहरी दवाइयां नहीं लिखी जाती हैं।निरीक्षण उपरांत जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि अस्पताल में मरीजों को सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, दवाइयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने, मरीजों को दिये जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान तथा किसी भी प्रकार की कमी होने पर तत्काल अवगत कराने के निर्देश दिए गए। सभी चिकित्सकों को समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा आवश्यक अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण करने के भी निर्देश प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, कुपोषित बच्चों के उपचार के संदर्भ में निर्देशित किया गया कि उन्हें पूर्णतः सुपोषित होने तक अभिभावकों की सहमति से अस्पताल में ही रखा जाए।अस्पताल में उपयोग में आने वाली सामग्रियों जैसे चादर, पेयजल आदि की उपलब्धता एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। जिलाधिकारी ने यह भी उल्लेख किया कि स्टाफ की कमी के बावजूद उपलब्ध कार्मिकों द्वारा संतोषजनक ढंग से कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं अन्य संबंधित गणमान्य उपस्थित रहे। खबरों का दंगल कवरेज संवाददाता सायरा सूर्यवंशी एवं अन्य मीडिया कर्मि गण।












