कानपुर देहात में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती:बोले- गाय को पशु कहना बंद करें सरकारें, मुस्लिम समाज के लोगों ने राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की

कानपुर देहात में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती:बोले- गाय को पशु कहना बंद करें सरकारें, मुस्लिम समाज के लोगों ने राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की

पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कानपुर देहात पहुंचे। उन्होंने पुखरायां स्थित गौशाला और मंदिर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गौ रक्षा के मुद्दे पर विभिन्न सरकारों की आलोचना की। शंकराचार्य ने कहा कि गाय हमारी आस्था और धर्म-संस्कृति का केंद्र है। उन्होंने सवाल उठाया कि इसकी रक्षा की आवाज उठाना राजनीति कैसे हो सकता है। उन्होंने उन लोगों को ‘विकृत मानसिकता’ वाला बताया जो इसे राजनीति कहते हैं। उन्होंने वर्तमान और पिछली सरकारों पर निशाना साधा, जो गाय को ‘पशु’ कहती हैं। शंकराचार्य ने कहा कि जिन सरकारों को जनता ने वोट देकर बनाया, वे गाय को पशु कैसे कह सकती हैं। उन्होंने ‘हिंदू सम्राट’ कहने वालों के शासन में भी गाय की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। शंकराचार्य ने विशेष रूप से बंगाल सरकार और शुभेंदु अधिकारी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा, खबरदार शुभेंदु अधिकारी, तुमने जो यह निर्णय लिया है।” उन्होंने बंगाल सरकार के इस निर्णय की आलोचना की कि गाय को माता भी कहते हैं और 14 साल बाद काटने की बात भी करते हैं। उन्होंने कहा कि या तो गाय को माता न कहें या फिर पुरानी सरकारों की तरह पशु ही कहें। उन्होंने जनता से अपील की कि जो गाय को माता नहीं मानते, वे उनके अपने नहीं हो सकते। शंकराचार्य ने घोषणा की कि आगामी चुनाव का मुख्य मुद्दा गाय की रक्षा ही होगा।

कार से कार्यक्रम में पहुंचे थे अविमुक्तेश्वरानंद।
कार से कार्यक्रम में पहुंचे थे अविमुक्तेश्वरानंद।
गौ हत्या पर सख्त प्रतिबंध और हर जिले में गौशालाएं बनाने की मांग भोगनीपुर क्षेत्र में उस समय एक अलग तस्वीर देखने को मिली, जब मुस्लिम युवा समाज के प्रतिनिधियों ने ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को ज्ञापन सौंपकर गौ माता को “राष्ट्रमाता” अथवा “राज्यमाता” का दर्जा देने की मांग उठाई। प्रतिनिधियों का कहना था कि गौ संरक्षण किसी एक धर्म या समुदाय का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा है। भोगनीपुर क्षेत्र के अमरौधा निवासी मुस्लिम युवा समाज के संयोजक मोहम्मद इबादुल हसन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें गोवंश संरक्षण और संवर्धन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भारत में गौ माता को प्राचीन काल से श्रद्धा, सेवा और करुणा का प्रतीक माना जाता रहा है। ऐसे में गौ माता को विशेष संवैधानिक और सामाजिक सम्मान मिलना चाहिए

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें