“सैकड़ों रोजगार सहायकों की हुंकार: मांगें पूरी करो, नहीं तो आंदोलन होगा और तेज”
जिला मुख्यालय में गूंजा रोजगार सहायकों का स्वर, नियमितीकरण और नौकरी सुरक्षा को लेकर निकाली ध्यानाकर्षण रैली
जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ ग्राम रोजगार सहायक संघ जिला बेमेतरा के बैनर तले सोमवार को जिले भर के रोजगार सहायकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार ध्यानाकर्षण रैली निकाली। इस दौरान जिले के नवागढ़, साजा, बेरला और बेमेतरा विकासखंडों से पहुंचे 100 से अधिक रोजगार सहायकों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और प्रशासन के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपा।
एकजुटता की मिसाल: चारों विकासखंडों से पहुंचे सैकड़ों रोजगार सहायक
जिला मुख्यालय में आयोजित इस आंदोलन में रोजगार सहायकों की भारी उपस्थिति देखने को मिली। बड़ी संख्या में पहुंचे रोजगार सहायकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए कहा कि वर्षों से ग्राम पंचायतों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें उचित सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व नहीं मिल रहा है।
तीन प्रमुख मांगों को लेकर गरजा संघ
रैली के दौरान रोजगार सहायकों ने शासन से मांग की कि—
ग्राम रोजगार सहायकों को सचिव पद पर सीधी भर्ती का लाभ दिया जाए।
62 वर्ष की आयु तक वेतनमान सहित नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
ऑनलाइन कार्यों एवं मॉनिटरिंग व्यवस्था को देखते हुए सभी रोजगार सहायकों को मोबाइल/टैबलेट उपलब्ध कराया जाए।कलेक्टर कार्यालय तक निकाली गई रैली, सौंपा गया ज्ञापन
रोजगार सहायकों ने तहसील कार्यालय से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर शासन की योजनाओं को सफल बनाने में रोजगार सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा और उग्र
संघ के जिला पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार द्वारा जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रोजगार सहायकों का धैर्य अब जवाब देने लगा है और अपने अधिकारों के लिए वे लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
100 से अधिक रोजगार सहायकों की मौजूदगी बनी चर्चा का विषय
कार्यक्रम में जिलेभर से पहुंचे 100 से अधिक रोजगार सहायकों की रिकॉर्ड उपस्थिति ने आंदोलन को नई ताकत प्रदान की। उपस्थित कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी जायज मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।












