जनदर्शन में 80 आवेदन पहुंचे: सवाल यह नहीं कि आवेदन कितने आए, सवाल यह है कि समाधान कितने हुए?”

जनदर्शन में 80 आवेदन पहुंचे: सवाल यह नहीं कि आवेदन कितने आए, सवाल यह है कि समाधान कितने हुए?”

जनता बोली – आवेदन तो लिए जाते हैं, पर कई मामलों में कार्रवाई का इंतजार बरकरार

जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू

बेमेतरा, जिला प्रशासन द्वारा जनदर्शन कार्यक्रम में 80 आवेदनों पर त्वरित निराकरण के दावे किए गए हैं, लेकिन दूसरी ओर कई नागरिकों का कहना है कि पूर्व में दिए गए आवेदनों और शिकायतों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है। जनदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं, जिससे यह भी स्पष्ट हुआ कि जिले में अनेक मूलभूत समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे आवेदकों ने पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, भूमि विवाद, आम रास्ता, अतिक्रमण, राजस्व प्रकरण तथा पंचायत स्तर की विभिन्न शिकायतों के निराकरण में देरी की बात कही। कई लोगों का कहना है कि वे पहले भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है, जिसके कारण उन्हें बार-बार जनदर्शन और कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि विभागीय स्तर पर शिकायतों का समयबद्ध समाधान हो जाए तो बड़ी संख्या में लोगों को जनदर्शन तक आने की आवश्यकता ही न पड़े। उनका मानना है कि जनदर्शन एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, लेकिन इसकी वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी जब प्राप्त आवेदनों का धरातल पर समय सीमा में प्रभावी निराकरण दिखाई दे। जानकारों के अनुसार हर सप्ताह बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होना इस बात का संकेत भी है कि कई समस्याएं निचले स्तर पर लंबित हैं। ऐसे में केवल आवेदन प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके निराकरण की स्थिति सार्वजनिक करना भी आवश्यक है ताकि जनता को पारदर्शिता का लाभ मिल सके। फिलहाल जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब लोगों की निगाह इस बात पर है कि जनदर्शन में प्राप्त 80 आवेदनों में से कितने मामलों का वास्तविक और स्थायी समाधान निर्धारित समय सीमा में हो पाता है।

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