मेरठ में फर्जी पुलिस चौकी का भंडाफोड़ नकली CO, दरोगा और सिपाही गिरफ्तार
स्टेट ब्यूरो चीफ़ विष्णु रावत
पूर्व पत्रकार निकला मास्टरमाइंड
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के टीपीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक सनसनीखेज फर्जी पुलिस चौकी का खुलासा किया है। यहां नकली पुलिस अधिकारियों का पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा था, जिसमें खुद को CO, दरोगा और सिपाही बताने वाले लोग आम नागरिकों पर रौब जमाकर अवैध वसूली कर रहे थे।
जांच के दौरान पुलिस को मौके से क्राइम रजिस्टर, FIR रजिस्टर और अन्य पुलिस रिकॉर्ड जैसी सामग्री भी बरामद हुई, जिससे यह फर्जी चौकी पूरी तरह असली पुलिस चौकी का रूप धारण किए हुए थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक व्यक्ति का अपहरण कर उसे बंधक बनाया, उसके साथ मारपीट की और धमकाकर उससे रंगदारी भी वसूली। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फर्जी पुलिस चौकी का पर्दाफाश कर दिया।
पूरे गिरोह का सरगना राहुल पाल बताया जा रहा है, जो एक बड़े डिजिटल न्यूज संस्थान का पूर्व पत्रकार रह चुका है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पुलिस थानों में आने वाले पीड़ितों को अपने झांसे में लेकर मामलों के निपटारे के नाम पर डील करता था और उनसे मोटी रकम वसूलता था। फिलहाल पुलिस ने नकली पुलिसकर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं और अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।












