परिवहन निगम की बसों के बीच सवारियां भर रही अवैध बसें, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल

परिवहन निगम की बसों के बीच सवारियां भर रही अवैध बसें, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल

संवादाता अमन अहमद

एटा। एटा के रोडवेज बस स्टैंड पर परिवहन निगम की मानक बसों की कतारों के बीच बिना अनुमति संचालित अवैध डग्गेमार बसों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन अवैध बसों को ठीक निगम की बसों के बीच खड़ा कर यात्रियों को बैठाया जा रहा है—वह भी पुलिस चौकी के सामने और निगम अधिकारियों की मौजूदगी में।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह सब कुछ परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से हो रहा है, जिससे न केवल निगम के राजस्व को नुकसान हो रहा है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में है।

बस स्टैंड परिसर में खड़ी इन अवैध बसों पर किसी प्रकार की रोक नहीं दिखाई देती। दुकानदारों के अनुसार यह सिलसिला कोई नया नहीं बल्कि वर्षों से चल रहा है। निगम के रंग में रंगी ये बसें यात्रियों को भ्रमित करती हैं और कई बार लोग असुरक्षित वाहनों में यात्रा करने को मजबूर हो जाते हैं।

प्रशासन पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम पर बड़ा सवाल यह है कि इन निजी बसों को स्टैंड के भीतर या पास सवारियां भरने की अनुमति किसने दी? क्या यह बिना अधिकारियों की मिलीभगत संभव है? क्या यह एक सुनियोजित गठजोड़ का परिणाम है जिसमें विभागीय कर्मचारी और पुलिसकर्मी भी शामिल हैं?

जवाबदेही और कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों का आरोप है कि डग्गेमार बसों को संचालन की छूट कथित तौर पर पैसे के बदले दी जाती है। एआरटीओ सतेंद्र कुमार ने कहा,

“डग्गेमार वाहनों पर पहले भी कार्रवाई हुई है। अभियान चलाकर चालान किए गए हैं। यदि जरूरत पड़ी तो फिर से अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई एफआईआर की आवश्यकता है तो निगम इसे दर्ज कराए।”

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