एटा मेडिकल कॉलेज में भ्रष्टाचार उजागर करने वाली महिला डॉक्टर को मिली धमकी, ब्लड बैंक प्रभारी पर बदसलूकी का आरोप।
संवादाता अमन अहमद. एटा। एटा मेडिकल कॉलेज में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंकिता शर्मा को अब खुद ही सिस्टम से चुनौती मिल रही है। डॉ. अंकिता ने ब्लड बैंक प्रभारी अरशद जमाल और उनके सहयोगियों पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा और न्याय की गुहार भी लगाई है।
डॉ. अंकिता का कहना है कि उन्होंने कॉलेज में हो रहे व्यापक घोटालों की शिकायत शासन स्तर तक पहुंचाई थी। इसके बाद से ही उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने ब्लड बैंक की एचओडी डॉ. हिमा वार्ष्णेय पर भी ड्यूटी पर न आकर वेतन लेने और करोड़ों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का गंभीर आरोप लगाया है।
महिला डॉक्टर के मुताबिक, कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल की शह से 18 से अधिक डॉक्टर बिना काम किए लाखों की सैलरी उठा रहे हैं, जिससे एक वर्ष में सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। डॉ. अंकिता का दावा है कि उनकी शिकायत के चलते अब उन्हें धमकियां मिल रही हैं और जान का खतरा भी बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि उनका ‘अपराध’ सिर्फ इतना है कि उन्होंने सत्य को उजागर करने की कोशिश की, लेकिन अब वही सच्चाई उनके लिए खतरे का कारण बन गई है।
यह मामला सिर्फ एक डॉक्टर की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है — क्या सच बोलना और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना अब अपराध बन चुका है?
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