ग्रामीण की तहरीर नहीं लिखी, दिल्ली से आए व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
जिला संवाददाता अमित शुक्ला
महेशगंज/प्रतापगढ़। सराय स्वामी गांव में बैल के साथ मारपीट के मामले में महेशगंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि 20 अगस्त को गांव निवासी शिवांश पांडेय की नामजद तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया, लेकिन 23 अगस्त को दिल्ली से आए सुनील शर्मा की तहरीर पर आरोपी रंजीत पांडेय के खिलाफ बीएनएस की धारा 325 और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। स्थानीय युवक की शिकायत के बाद पुलिस ने पहले आरोपी का शांतिभंग में चालान किया। बाद में दिल्ली से कुछ लोगों के थाने पहुंचने पर पशु क्रूरता के मामले में एफआईआर दर्ज की गई।
सबसे बड़ा सवाल एफआईआर में दर्ज उस तथ्य को लेकर है, जिसमें पुलिस ने लिखा कि घटना के संबंध में कोई व्यक्ति रिपोर्ट दर्ज कराने को तैयार नहीं था। जबकि इससे पहले स्थानीय युवक शिवांश पांडेय तहरीर देकर कार्रवाई की मांग कर चुके थे।
अब सवाल उठ रहा है कि जब स्थानीय शिकायतकर्ता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो दिल्ली से आए व्यक्ति की शिकायत पर तत्काल एफआईआर क्यों दर्ज हुई। पुलिस की इसी कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
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