विनियमन शुल्क न जमा करने वाले 22 ईंट भट्ठों पर प्रशासन सख्त, सीलिंग की तैयारी
संवाद दाता:पंकज मिश्रा मैनपुरी
जनपद में बिना विनियमन शुल्क जमा किए संचालित हो रहे ईंट भट्ठों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनंद ने स्पष्ट किया है कि ईंट भट्ठा सत्र 2025-26 के अंतर्गत 01 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक ईंट भट्ठों का संचालन केवल विनियमन शुल्क जमा कराने के बाद ही किया जा सकता है। शासनादेश के प्रस्तर-04 के अनुसार बिना शुल्क जमा किए संचालित ईंट भट्ठों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि दिसंबर 2025 समाप्त होने को है, लेकिन इसके बावजूद जनपद में कुल 22 ईंट भट्ठा स्वामी ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक विनियमन शुल्क जमा नहीं किया है और भट्ठों का संचालन लगातार जारी रखा हुआ है। यह सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है।
बिना शुल्क संचालित पाए गए ईंट भट्ठों में प्रमुख रूप से—
मै. जसराम सिंह भदौरिया एंड संस,
मै. अतुल ईंट उद्योग गढ़ेरी,
अतुल ईंट उद्योग करीमगंज,
गजानन ईंट उद्योग थोरवा,
श्री सत्य साईं इंटरप्राइजेज बेवर,
यादव ईंट उद्योग जसवंतपुर-कीरतपुर,
बालाजी ब्रिक उद्योग भोगांव,
श्याम ईंट उद्योग आलीपुर खेड़ा,
एस.एस. ब्रिक फील्ड कुरारी,
डी.एस. माया ब्रिक रूई सिनौरा,
जय माता दी ईंट उद्योग नौरमई मीठेपुर,
शंकर ईंट उद्योग शहीदाबाद बरनाहल,
यादव ईंट उद्योग करहल,
यादव ईंट उद्योग गोपालपुर,
अजय शंकर ईंट उद्योग नगला मीर मुहाल,
राज ब्रिक फील्ड तेजगंज,
प्रयाग ब्रिक फील्ड कुरसंडा किशनी,
शिवशंकर ईंट उद्योग इस्माइलपुर,
बृज ईंट उद्योग बीनेपुर घिरोर,
सुभाष ईंट भट्ठा अशोकपुर खिचौली,
संजय ईंट भट्ठा उद्योग अशोकपुर खिचौली,
मां कंठ श्री ब्रिक फील्ड अचलपुर मानपुर शामिल हैं।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि विनियमन शुल्क जमा किए बिना ईंट भट्ठों का संचालन उ.प्र. उप खनिज परिहार नियमावली-2021 के नियम 03, 21(2), 42(ड़) एवं 59(2) का स्पष्ट उल्लंघन है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया विनियमन शुल्क जमा नहीं किया गया तो संबंधित ईंट भट्ठों को उप खनिज मिट्टी के अवैध खनन एवं परिवहन के आरोप में सीज कर दिया जाएगा।
प्रशासन की इस चेतावनी के बाद ईंट भट्ठा स्वामियों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं जल्द ही सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।












