एटा में अवैध खनन पर प्रशासन का शिकंजा कसा, कई वाहन सीज
संवाददाता मुकेश कुमार 
जलेसर में ड्राइवरों की भूमिका पर उठे सवाल
जनपद एटा में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह के कड़े निर्देशों के बाद तहसील स्तर के अधिकारी बीते कई सप्ताह से रातभर गश्त कर खनन माफियाओं पर शिकंजा कसने में जुटे हैं। लगातार हो रही कार्रवाई से अवैध खनन कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत रात्रि में ग्राम पंचायत लहरा अकोली क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन करते हुए एक रिपर ट्रैक्टर सहित दो ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी समेत पकड़ ली गईं। पकड़े गए सभी वाहनों को थाना निधौली कला में खड़ा कराते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा एक दिन पूर्व भी संयुक्त अभियान के दौरान तहसील सदर एसडीएम, एआरटीओ, तहसीलदार एवं खनन अधिकारी की टीम ने अवैध परिवहन करते हुए तीन ट्रकों को पकड़ा था। सभी वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह लगातार अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद में अवैध खनन को पूरी तरह रोकने के निर्देश दे रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि अवैध खनन और अवैध परिवहन के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई की जाए तथा किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप स्वीकार न किया जाए। हालांकि तहसील जलेसर क्षेत्र में अब भी अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा रातभर गश्त का दावा किया जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियां लगातार जारी हैं। सूत्रों के मुताबिक जलेसर क्षेत्र में कुछ अधिकारियों के ड्राइवरों की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है। दावा किया जा रहा है कि कुछ ड्राइवरों के खनन माफियाओं से संपर्क के ऑडियो भी सामने आए हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।












