एडीओ पंचायत ने बाल विवाह मुक्ति रथ को किया रवाना,संवाद सामाजिक संस्थान द्वारा सावधान बाल विवाह है कानूनन अपराध अभियान चलाया जा रहा

एडीओ पंचायत ने बाल विवाह मुक्ति रथ को किया रवाना,संवाद सामाजिक संस्थान द्वारा सावधान बाल विवाह है कानूनन अपराध अभियान चलाया जा रहा

दैनिक चक्र प्रतापगढ़ अवधेश चंद्र पांडेय 

विकासखंड बिहार में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। संवाद सामाजिक संस्थान द्वारा ‘सावधान, बाल विवाह कानूनन अपराध है’ विषय पर यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत एक वाहन पर पोस्टर और बैनर लगाकर गांवों में लोगों को बाल विवाह से जुड़े कानून, दंड और बच्चों के अधिकारों की जानकारी दी जा रही है। वाहन पर लगे पोस्टर पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है।अभियान के तहत लगाए गए पोस्टर में स्पष्ट किया गया है कि 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह कानूनी अपराध है। बाल विवाह कराने वाले माता-पिता, रिश्तेदार, पंडित, मौलवी, पादरी के साथ-साथ आयोजन में सहयोग करने वाले बैंड, टेंट, हलवाई आदि सभी दोषियों को दो वर्ष तक की कैद और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।संस्थान ने आम जनता से अपील की है कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ एकजुट हों और बच्चों को उनके कानूनी व संवैधानिक अधिकार दिलाने में सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तत्काल 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) या 112 (पुलिस) पर देने का भी संदेश दिया गया।एडीओ पंचायत बिहार बृजेश सिंह ने इस संबंध में कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि कानूनन गंभीर अपराध है। उन्होंने जोर दिया कि पंचायत स्तर पर इसे रोकने के लिए जागरूकता, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। सिंह ने कहा कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर काम करें, तो बाल विवाह को जड़ से समाप्त किया जा सकता है और बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।इस अभियान के दौरान ब्लॉक ऑडिटर कुलदीप सिंह, संवाद सामाजिक संस्थान से सुषमा त्रिपाठी और सुनीता देवी सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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