बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट, घबराएं नहीं—सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
संवाददाता: पवन सूर्यवंशी, ब्यूरो चीफ (ऑल NCR)
गाजियाबाद। पशुपालन विभाग ने बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी/संयुक्त निदेशक डॉ. एसपी पाण्डेय ने कहा कि यह बीमारी गंभीर जरूर है, लेकिन सही जानकारी और सावधानियों के जरिए इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
क्या है बर्ड फ्लू और कैसे फैलता है बर्ड फ्लू एक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से पक्षियों—खासतौर पर मुर्गियों और अन्य पालतू पक्षियों—को प्रभावित करती है। प्रवासी पक्षी, खासकर साइबेरियन पक्षी, इस वायरस के वाहक माने जाते हैं। यह वायरस कुछ मामलों में अन्य जानवरों और मनुष्यों को भी प्रभावित कर सकता है, लेकिन अभी तक मनुष्य से मनुष्य में इसके फैलने के प्रमाण नहीं मिले हैं।
पशु-पक्षियों में लक्षण
पक्षियों में:
अचानक बड़ी संख्या में मौत
कलगी और पैरों में सूजन व नीला पड़ना
नाक और आंख से पानी आना
सांस लेने में दिक्कत
दस्त और अंडे देने में कमी
सुस्ती और असामान्य व्यवहार
अन्य जानवरों में:
बुखार
खांसी और सांस लेने में परेशानी
नाक और आंख से तरल स्राव
बचाव के जरूरी उपाय
टीकाकरण: पक्षियों को नियमित टीके लगवाएं
स्वच्छता: पॉल्ट्री फार्म और आसपास साफ रखें, कीटाणुनाशक का छिड़काव करें
अलगाव: बीमार पक्षियों को तुरंत अलग करें
नियमित जांच: किसी भी लक्षण पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें
संदेह होने पर क्या करें
अचानक पक्षियों की मौत की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को दें
मृत पक्षियों को नंगे हाथ से न छुएं
संक्रमित क्षेत्रों में जाने से बचें
पॉल्ट्री उत्पादों को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं
क्या न करें
अफवाहों पर ध्यान न दें
संक्रमित या मृत पक्षियों के संपर्क में न आएं
खुले में पॉल्ट्री उत्पादों का परिवहन न करें
इंसानों में प्रभाव और सावधानी
बर्ड फ्लू के लक्षण इंसानों में भी दिखाई दे सकते हैं, जैसे:
बुखार
खांसी
सांस लेने में दिक्कत
हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार मनुष्यों में इसका संक्रमण बहुत कम देखा गया है और यह आमतौर पर घातक नहीं होता।
बचाव के लिए:
हाथों की नियमित सफाई
अधपका मांस या अंडा न खाएं
पक्षियों के संपर्क में मास्क और दस्ताने का उपयोग करें
मृत पक्षियों से दूरी बनाए रखें
यूपी में स्थिति और प्रशासन की तैयारी
फिलहाल उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि नेपाल में वायरस की पुष्टि के बाद प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है। गाजियाबाद में पॉल्ट्री फार्मों की जांच, सैम्पलिंग, सेनेटाइजेशन और बायोसिक्योरिटी के सख्त निर्देश दिए गए हैं। साथ ही गोआश्रय स्थलों पर साफ-सफाई, बीमार पशुओं के इलाज और मृत पशुओं के सुरक्षित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
निष्कर्ष
बर्ड फ्लू से घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। साफ-सफाई, जागरूकता और समय पर इलाज से इस बीमारी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।












