बेटे को बचाने की जंग में जूझ रहा है एक पिता – अमोल मौर्य को ज़रूरत है आपके सहयोग की
नई दिल्ली/प्रतापगढ़।एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी एड्रेनोलेकोडिस्ट्रॉफी (ALD) से जूझ रहे 7 वर्षीय अमोल मौर्य के इलाज में अब तक 50 लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं, लेकिन उपचार अभी अधूरा है। अमोल के पिता विजय मौर्य ने बेटे को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं, लेकिन अब उन्हें आप सबकी मदद की ज़रूरत है।
क्या है ALD बीमारी?
ALD एक गंभीर और दुर्लभ आनुवंशिक विकार है, जो मुख्यतः बच्चों को प्रभावित करता है। यह बीमारी मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को धीरे-धीरे क्षति पहुंचाती है। इसका एकमात्र प्रभावी इलाज बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) है, लेकिन यह प्रक्रिया अत्यंत खर्चीली और जटिल होती है।
परिवार की दर्दभरी कहानी
विजय मौर्य के बड़े बेटे को 2019 में ALD का पता चला था, लेकिन समय पर इलाज नहीं मिल पाने के कारण जुलाई 2021 में उसने दुनिया को अलविदा कह दिया। इसके बाद छोटे बेटे अमोल में भी 2020 में इसी बीमारी की पुष्टि हुई। सितंबर 2024 में उसका LOES स्कोर 1 था, लेकिन मात्र एक महीने में यह बढ़कर 6 हो गया – जिससे बीमारी की गंभीरता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
उपचार की जटिलताएं और खर्च
- अमोल का बोन मैरो ट्रांसप्लांट 19 दिसंबर को सर गंगा राम अस्पताल, नई दिल्ली में किया गया।
- BMT के बाद उसे CMV वायरस और एडेनोवायरस ने घेर लिया।
- पूरी त्वचा जल गई, लीवर और किडनी में संक्रमण हो गया।
- लगातार खून, डब्ल्यूबीसी और प्लेटलेट्स की ज़रूरत पड़ी।
- अब तक इलाज का खर्च 50 लाख रुपये से ज़्यादा हो चुका है और उपचार अभी एक साल तक चल सकता है।
पिता की अपील
“मैंने अपनी तरफ़ से हर संभव प्रयास किया है। अब आप सबका सहयोग ही अमोल को जीवन दे सकता है। कृपया इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और जो भी संभव हो, मदद करें।”
सहयोग के लिए UPI विवरण
9695391516\@ybl
9695391516\@upi
969539151684\@ybl
संपर्क करें: विजय मौर्य – 9695391516
आपका एक छोटा सा सहयोग अमोल के जीवन की सबसे बड़ी उम्मीद बन सकता है। आइए, मिलकर ALD को हराएं।
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