बेमेतरा में अवैध खनन का बड़ा खेल! रेत, मुरुम और मिट्टी के उत्खनन-परिवहन पर उठे गंभीर सवाल

बेमेतरा में अवैध खनन का बड़ा खेल! रेत, मुरुम और मिट्टी के उत्खनन-परिवहन पर उठे गंभीर सवाल

बिना वैधानिक प्रक्रिया स्वीकृति के आरोप, करोड़ों के राजस्व नुकसान की आशंका

पिछले कुछ दिनों से विभागीय पक्ष जानने का प्रयास, जिला खनिज अधिकारी का फोन नहीं हुआ रिसीव

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं, आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहा खनन कारोबार?

जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू बेमेतरा। जिले में रेत, मुरुम और मिट्टी के अवैध खनन एवं परिवहन को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों से मिल रही शिकायतों के अनुसार कई स्थानों पर खनिजों का उत्खनन और परिवहन खुलेआम जारी है, जिससे शासन को भारी राजस्व हानि होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कुछ मामलों में आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं और स्थानीय निकायों की स्वीकृति को लेकर भी गंभीर अनियमितताओं की आशंका है। यदि इन आरोपों में तथ्य पाए जाते हैं तो यह प्रशासनिक पारदर्शिता और नियमों के पालन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

जिले भर में अवैध खनन और परिवहन की शिकायतें

जानकारी के अनुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों से अवैध रेत, मुरुम और मिट्टी खनन तथा परिवहन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है, जिससे अवैध कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

पिछले कुछ दिनों से विभागीय पक्ष जानने का प्रयास

मामले में विभागीय पक्ष जानने के लिए जिला खनिज अधिकारी रोहित साहू से पिछले कुछ दिनों से लगातार दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ताओं और पत्रकारों का कहना है कि कई बार फोन किए जाने के बावजूद संपर्क स्थापित नहीं हो सका और कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई।

इससे लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब सार्वजनिक हित से जुड़े गंभीर मामलों में विभागीय प्रतिक्रिया प्राप्त करना कठिन हो रहा है, तो आम नागरिकों की शिकायतों के निराकरण की स्थिति क्या होगी।

करोड़ों के राजस्व नुकसान की आशंका

खनिज संपदा शासन के लिए राजस्व का महत्वपूर्ण स्रोत है। ऐसे में यदि अवैध खनन और परिवहन की शिकायतें सही पाई जाती हैं तो शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

जनता पूछ रही जवाब

जिले में अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक कब लगेगी?

शिकायतों के बाद भी कार्रवाई में देरी क्यों?

वैधानिक प्रक्रियाओं के पालन की जांच कौन करेगा?

राजस्व को हो रहे संभावित नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी?

क्या पूरे जिले में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा?

उच्च स्तरीय जांच की मांग

स्थानीय नागरिकों ने पूरे जिले में रेत, मुरुम और मिट्टी के खनन एवं परिवहन की उच्च स्तरीय जांच कराने, सभी स्वीकृतियों और प्रक्रियाओं की समीक्षा करने तथा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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