हाथी पांव (फाइलेरिया) से बचाव को लेकर बड़ी पहल
10 से 28 फरवरी तक चलेगा विशेष दवा अभियान
संवादाता रोहित कुमार. इटावा हाथी पांव (फाइलेरिया) एक गंभीर और दीर्घकालिक बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से फैलती है। यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर को विकलांग बना सकती है और विश्व स्तर पर विकलांगता का दूसरा सबसे बड़ा कारण मानी जाती है। चिंताजनक बात यह है कि इसके कीटाणु लंबे समय तक बिना लक्षण के मानव शरीर में रह सकते हैं और संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ दिखते हुए भी दूसरों में संक्रमण फैला सकता है।
फाइलेरिया जैसी घातक बीमारी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा डीईसी (DEC), एल्बेंडाजोल एवं आइवरमेक्टिन की दवाएं साल में एक बार खिलाई जाती हैं। इसी क्रम में जनपद इटावा में 10 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक विशेष दवा वितरण अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान के अंतर्गत जनपद के फाइलेरिया संवेदनशील तीन विकास खंड — (सदर) में स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर फाइलेरिया से बचाव की दवाएं खिलाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि अपने परिवार के सभी सदस्यों को दवा अवश्य खिलवाएं। दो वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर अन्य सभी को दवा लेना अनिवार्य है।
विशेष रूप से 1 से 2 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली (200 मि.ग्रा.) दी जाएगी।
यह अभियान फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सकेगा। अधिक जानकारी के लिए नागरिक अपने नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
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