मोदी के संबोधन को मोती सिंह ने बताया ऐतिहासिक, विपक्ष पर साधा निशाना।
संवाददाता विनय कुमार मिश्रा प्रतापगढ़।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह (मोती सिंह) ने इसे दूरदर्शी और देशहित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है। पूर्व मंत्री मोती सिंह ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा लाया गया ‘नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम’ केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को बराबरी का अधिकार दिलाने का मजबूत संकल्प है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देना विकसित भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
जिससे सामाजिक और राजनीतिक संतुलन मजबूत होगा।
मोती सिंह ने आगे कहा कि देश की महिलाएं वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही हैं, ऐसे में यह निर्णय उनके सम्मान और सहभागिता को नई ऊंचाई देगा। यह केवल महिला सशक्तिकरण ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने इंडियन नेशन कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को महिलाओं के लंबे संघर्ष को समझते हुए अपना रुख सकारात्मक करना चाहिए और पूर्व में हुई भूलों को सुधारने का साहस दिखाना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर एकजुटता दिखानी चाहिए, ताकि देश की प्रगति और महिला सशक्तिकरण को गति मिल सके।












