दीपक सिंह दिनकर के नेतृत्व में किसानों का प्रशासन के खिलाफ बड़ा आंदोलन, NH-30 जाम और हड़ताल की चेतावनी
जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू बेमेतरा— जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन की कथित अनदेखी अब बड़े आंदोलन का रूप लेने जा रही है। जनपद सदस्य दीपक सिंह दिनकर के नेतृत्व में क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सड़क जाम और हड़ताल जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसानों ने 24 नवंबर 2025 को अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद 7 अप्रैल 2026 को पुनः अनुस्मारक पत्र देकर मांगों पर त्वरित कार्रवाई की अपील की गई थी। हालांकि, अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं किए जाने से किसानों में भारी नाराजगी है। किसानों का आरोप है कि लगातार अनदेखी के कारण उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
ज्ञापन में किसानों ने मुख्य रूप से फसल क्षति, पशुओं द्वारा फसलों को नुकसान, और आवारा पशुओं की समस्या को उठाया है। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा मवेशियों के कारण खड़ी फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के चलते समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 7 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान किसान धरना-प्रदर्शन के साथ-साथ उग्र आंदोलन भी कर सकते हैं।
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि 27 अप्रैल 2026 को जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा और उसी दिन NH-30 मार्ग पर चक्का जाम किया जाएगा। इसके अलावा 28 अप्रैल 2026 को पुराने बस स्टैंड स्थित सिग्नल चौक, हनुमान मंदिर के पास किसानों द्वारा हड़ताल की जाएगी। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसानों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
किसानों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन और अधिक व्यापक और उग्र हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन अपनी मांगों को लेकर वे पीछे नहीं हटेंगे।
इस पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासन पर जल्द कार्रवाई करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को कितनी गंभीरता से लेता है और समय रहते समाधान निकालता है या फिर जिले को एक बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।
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