खेजड़ी वृक्षों की रक्षा के लिए सख्त कानून की मांग, बिश्नोई समाज ने सरकार से की अपील

खेजड़ी वृक्षों की रक्षा के लिए सख्त कानून की मांग, बिश्नोई समाज ने सरकार से की अपील

जिला क्राइम रिपोर्टर
सागर गोयल पानीपत, हरियाणा

खेजड़ी जैसे पवित्र और जीवनदायी वृक्षों को बचाने के लिए मजबूत वृक्ष कानून बनाए जाने की मांग को लेकर बिश्नोई समाज और 36 बिरादरी के लोगों ने सरकार से अपील की है। आचार्य स्वामी रामाचार्य जी महाराज की अगुवाई में श्री बिश्नोई सभा टोहाना सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा हरे खेजड़ी वृक्षों की कटाई पर मात्र 1000 रुपये जुर्माना और सजा माफी का प्रावधान तर्कसंगत नहीं है। आचार्य स्वामी रामाचार्य जी महाराज ने कहा कि हरे वृक्षों की कीमत पैसों में नहीं आंकी जा सकती। ऐसे कमजोर कानून से लोगों में डर खत्म हो जाएगा और अंधाधुंध वृक्ष कटाई को बढ़ावा मिलेगा, जो पर्यावरण के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि एक वृक्ष को तैयार होने में कई साल लग जाते हैं, जबकि उसे काटने में कुछ ही मिनट लगते हैं।
बिश्नोई समाज ने स्पष्ट किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर हरियाली को नष्ट करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। समाज के लोगों ने सरकार से मांग की कि खेजड़ी जैसे संरक्षित वृक्षों के लिए सख्त कानून बनाया जाए, जिसमें कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान हो, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे। श्री बिश्नोई सभा टोहाना ने बताया कि यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बिश्नोई समाज, साधु-संतों और 36 बिरादरी के आमजन द्वारा 2 फरवरी 2026 को बीकानेर में अनिश्चितकालीन महापड़ाव डालने की जो घोषणा की गई है, उसे टालना मुश्किल होगा।

अंत में समाज की ओर से सरकार से पुनः आग्रह किया गया कि पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए खेजड़ी वृक्षों की रक्षा के लिए कठोर कानून पारित किया जाए, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को सुरक्षित रखा जा सके।

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