सहारनपुर में खुलेआम आटे का काला कारोबार

सहारनपुर में खुलेआम आटे का काला कारोबार, विभागीय चुप्पी से बढ़े अवैध कारोबारियों के हौसले, जनता में बढ़ा आक्रोश

स्टेट संवाददाता विष्णु रावत  सहारनपुर। शहर में आटा बदलने की अवैध दुकानों का कारोबार प्रशासन और विभागों की नाक के नीचे खुलेआम फल-फूल रहा है। एक माह पहले इस मुद्दे पर खबर प्रकाशित होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो किसी दुकान पर छापामार कार्रवाई की गई और न ही कोई दुकान सील की गई। नतीजतन, अवैध कारोबारियों के हौसले और भी बुलंद हो गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, ये दुकानें मुख्य रूप से पीर वाली गली, रहमानी चौक, 62 फूटा रोड, मेंहदी सराय समेत कई क्षेत्रों में सक्रिय हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खबर छपने के बाद दुकानों की संख्या और बढ़ गई है और यह कारोबार खुलेआम, बिना किसी डर के चल रहा है।

विभागीय चुप्पी या मिलीभगत?

नागरिकों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर खाद्य आपूर्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन क्यों चुप्पी साधे हुए हैं।

क्या अधिकारी इन दुकानों को देख नहीं पा रहे या फिर कहीं न कहीं इस अवैध कारोबार में मिलीभगत है?

लोगों का कहना है कि यह मामला केवल लापरवाही नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सहारनपुर में भी देहरादून जैसी खाद्य सुरक्षा से जुड़ी घटना किसी भी समय हो सकती है।

नागरिकों का आक्रोश बढ़ा

स्थानीय निवासियों ने बताया कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

नागरिकों का आरोप है कि यह विभागीय कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं की गई तो आम जनता की सेहत के लिए यह गंभीर खतरा बन सकता है।

सवाल वही – जवाब कब?

बिना लाइसेंस चल रही ये दुकानें आखिर क्यों नहीं बंद हो रही हैं?

यह अवैध आटा आखिर कहां से आ रहा है और इसकी सप्लाई कौन कर रहा है?

क्या प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं?

प्रशासन पर बढ़ रहा दबाव

जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मामले पर अब प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।

लोगों का कहना है कि कट्टु के आटे जैसी घटना अगर यहां दोहराई गई तो इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर अधिकारियों पर होगी।

उच्च अधिकारियों से मांग की जा रही है कि वे तत्काल संज्ञान लें और अवैध आटा मिलों व दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

खुली आंखों के सामने काला कारोबार

आटे का यह काला कारोबार दिनदहाड़े जारी है और अधिकारी इसे रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं।

अब यह सवाल गहराता जा रहा है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है या फिर यह कारोबार उनकी नाक के नीचे उनकी मर्जी से चल रहा है?

सहारनपुर में मंडराता खतरा – क्या होगी ठोस कार्रवाई या फिर देहरादून जैसी त्रासदी का इंतजार?

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