बेमेतरा शिक्षा विभाग में RTE मैं हो रहा अजब गजब खेल
बेमेतरा, छत्तीसगढ़: शासन द्वारा आरटीई एक ऐसी योजना है जिसके तहत 25 परसेंट आरक्षण अधिकांश निजी एवं शासकीय विद्यालय में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार को आर्थिक लाभ पहुंचाने तथा गरीब तबके के विद्यार्थियों को उचित शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना चलाई जा रही है किंतु इसका लाभ पहुंच पावर रखने वाले लोगों को मिल रहा है जैसे कि कल ही एक शासकीय कर्मचारी जो शिक्षा विभाग में सहायक ग्रेड दो है जो अपनी पुत्री का फर्जी तरीके से आरटीई के तहत दाखिला दिलाया था।
कुछ इसी प्रकार से स्वामी आत्मानंद शिवलाल राठी सेजस स्कूल का है जहां आरटीई के तहत एलकेजी में 20 सीट तथा कक्षा 1 में 8 सीट उपलब्ध है जिसकी आवेदन की प्रक्रिया की अंतिम तिथि 05/05/2025 था जिसके बाद लॉटरी तरीके से एडमिशन होना था परंतु जब हमारे संवाददाता द्वारा दिनांक 16/5/ 25 को वहां के प्राचार्य चटर्जी मैडम से बात करने चाहे तो उनका कहना था यह सब लॉटरी सिस्टम से हुआ है इसमें जिला शिक्षा अधिकारी नगर पालिका अध्यक्ष एवं सभी जनप्रतिनिधियों पालक गण के सामने लॉटरी निकला गया है मगर हमारे संवाददाता द्वारा पूछने पर कि किसी पलक को इसकी सूचना दिया गया था
तो उनका कहना था कि हमने 6/ 5 /2025 तारीख को जिला जनसंपर्क विभाग बेमेतरा को इसकी सूचना भेजी थी संवाददाता द्वारा पूछने पर की यह कौन सा अखबार में छपा है क्या आपके पास इसका कोई कटिंग है कि जनसंपर्क विभाग में ही भेजने से क्या सभी पेपर हो या बालको तक या खबर पहुंच पाएगी कि किसी एक दो पेपर में छपने से सभी पलकों तक यह खबर पहुंच पाएगी क्या आप ने पालको को फोन किया ऐसा कहने पर मैडम का कहना था कि हम कितने लोगों को फोन करेंगे हमने जनसंपर्क विभाग में इसकी सूचना दे दी है।
क्या जनसंपर्क विभाग में सूचना देने से जनसंपर्क विभाग पत्रकारों को या संवाददाता को यह खबर प्रकाशित करने के लिए बाध्य कर सकता है अगर नहीं तो यह खबर चली कि नहीं चली, इसका जवाब कौन देगा, जिससे पलकों तक इसकी सूचना पहुंची कि नहीं पहुंची ,इसका जवाबदारी कौन लेगा यह पूछता है आम जनता।
वही अपात्र लोगों की सूचना के बारे में पूछा गया तो फिर से उनका कहना वही था कि हमने जनसंपर्क विभाग में इसकी जानकारी दे दी है और विद्यालय परिषद में अपात्र छात्रों की लिस्ट चश्पा कर दी गई है अगर किसी पालक को इसकी जानकारी नहीं हुई है तो इसमें हम क्या कर सकते हैं क्या जनसंपर्क में सूचना देने से यह तय हो जाता है कि वह हर पेपर में छपेगा ,की पता चला एक भी पेपर में नहीं चला खबर तभी तो प्राचार्य मैडम के पास किसी भी प्रकार का पेपर कटिंग नहीं था एक भी पेपर की कटिंग नहीं थी जबकि बेमेतरा में कम से कम प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया करके 60 से 70 पत्रकार है। यह तो रही एडमिशन प्रक्रिया की बात अब आगे बात करते हैं एडमिशन होने के बाद दिनांक 16 /5 /2023 को जिन छात्र-छात्राओं का आरटीई के तहत एडमिशन हुआ था उनको 14 /5 /2025 से 16 /5/ 2025 तक निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने थे।
- ऑनलाइन आवेदन की कॉपी
- जन्म प्रमाण पत्र मूल एवं फोटो कॉपी
- बच्चों के माता-पिता का आधार कार्ड मूल एवं फोटो कॉपी
- राशन कार्ड मूल एवं फोटो कॉपी
- चयनित बच्चों की दो फोटो
- ओबीसी एससी और एसटी के लिए जाति प्रमाण पत्र मूल एवं फोटोकॉपी
- निवास प्रमाण पत्र मूल एवं फोटोकॉपी
- पिछले वर्ष की मार्कशीट मूल एवं फोटोकॉपी यदि उसने पिछले वर्ष में अध्ययन किया हो
- स्थानांतरण प्रमाण पत्र मूल एवं फोटोकॉपी यदि आवश्यक हो
यह सभी दस्तावेज दिनांक 16/5/ 2025 को जमा करना था मगर हमारे द्वारा वाहन की प्राचार्य चटर्जी मैडम को इस संबंध में पूछने पर वह जानकारी देने से मुखर गई इसके बाद हमारे संवाददाता द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय जाया गया जहां पहुंचने पर पता चला कि जिला शिक्षा अधिकारी नहीं थे उसके बाद फोन से संपर्क करने पर पता चला कि जिला शिक्षा अधिकारी सुशासन तिहार के अंतर्गत कार्यक्रम में गए हुए हैं उनसे प्राचार्य से जानकारी नहीं देने पर बोला गया तो उन्होंने कहा कि उनके सिवा यह जानकारी और कौन देगा यह कहकर फोन काट दिया गया।
इससे यह स्पष्ट होता है कि अगर जिम्मेदार अधिकारी द्वारा ऐसा काम किया जाता है तो कहीं ना कहीं शंका पैदा होता है जिससे गरीबों को मिलने वाली सुविधा आमिर हाथों या राजनीतिक या फिर पहुंच पावर वाले लोगों के हाथ में ऐसी योजना चली जाती है।और गरीब जिनको इनका लाभ मिलना चाहिए वह इसे वंचित रह जाते देखने वाली बात यह रहेगी की खबर का असर कहां तक होता है और शासन प्रशासन इस पर क्या निर्णय लेती है।
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