गैस-तेल की कालाबाजारी पर सख्त हुए सीएम योगी
स्टेट संवाददाता विष्णु रावत
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गैस और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों और संभावित कालाबाजारी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों के डीएम और एसपी को निर्देश दिए हैं कि गैस और तेल की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अफवाह फैलाने वालों और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और गैस की आपूर्ति सामान्य है, इसलिए किसी भी तरह की भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर नजर रखी जाए। उनके निर्देश के बाद पुलिस मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही पुलिस को पेट्रोल पंपों के आसपास सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग को गैस एजेंसियों, गोदामों और दुकानों का औचक निरीक्षण करने के लिए कहा गया है। यदि कहीं गैस सिलेंडर का अवैध भंडारण या कालाबाजारी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, पश्चिम एशिया में ईरान इजरायल युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी के बीच प्रदेश के कुछ जिलों में गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें देखने को मिली हैं। अयोध्या के कई आश्रम-मठों में भोग-प्रसाद और श्रद्धालुओं के लिए चलने वाली रसोई भी अस्थायी रूप से बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। वहीं लखनऊ के कुछ होटल और ढाबों पर भी गैस की कमी का असर देखने को मिला है।
इधर मुख्यमंत्री ने आगामी पर्व-त्योहारों और पुलिस भर्ती परीक्षा को देखते हुए कानून-व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी और शांति भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। 14 और 15 मार्च को होने वाली सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा में लगभग 15.75 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर केंद्र के बाहर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, यातायात व्यवस्था सुचारू रखने और सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चैत्र नवरात्र और रामनवमी के अवसर पर अयोध्या मिर्जापुर और बलरामपुर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम दर्शन की विशेष व्यवस्था करने के भी आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे खुद फील्ड में उतरकर व्यवस्था की निगरानी करें और आम जनता को किसी तरह की परेशानी न होने दें।












