बकुलाही की प्राचीन और नई धारा का हुआ संगम, दोनों धाराओं से बह रहा पानी
जिला संवाददाता अमित शुक्ला
बकुलाही पुनरोद्धार अभियान सफल, प्रीति समाज संग समाज शेखर ने किया स्थलीय निरीक्षण
प्रतापगढ़। सावन की बारिश के बाद रामायण कालीन बकुलाही नदी की प्राचीन पुनरोद्धारित धारा और नई धारा एक साथ जीवंत हो उठी हैं। वर्षों बाद दोनों धाराओं में एक साथ पानी बहने को बकुलाही पुनरोद्धार अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। भयहरणनाथ धाम तीर्थ क्षेत्र के महासचिव एवं बकुलाही पुनरोद्धार अभियान के संयोजक समाज शेखर ने पत्नी प्रीति समाज के साथ बासू राजा पुल से नदी की दोनों धाराओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नदी क्षेत्र और भयहरणनाथ तीर्थ क्षेत्र का सघन भ्रमण भी किया।
समाज शेखर ने बताया कि बकुलाही की प्राचीन धारा के पुनरोद्धार का कार्य 28 अगस्त 2011 से निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रहे इस अभियान का परिणाम है कि दैवीय कृपा से वर्षों बाद प्राचीन और नई, दोनों धाराओं में एक साथ जल प्रवाहित हो रहा है। नदी को सदानीरा बनाए रखने के लिए डायवर्जन डैम सहित प्रस्तावित अन्य सरकारी योजनाओं को पूरा कराने का प्रयास भी जारी है। उन्होंने बताया कि हाल ही में इस संबंध में जिलाधिकारी और विधायक से मुलाकात कर बकुलाही के संरक्षण एवं पुनरोद्धार से जुड़ी अपनी बात रखी गई है।
निरीक्षण के दौरान प्रीति समाज और समाज शेखर ने छतौना, मनेहु, शिवरा, हैन्सी, भटपुरवा और ढेमां सहित विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। उन्होंने ग्रामीणों और बकुलाही नदी से जुड़े कार्यकर्ताओं से संवाद कर सुझाव भी लिए। इस दौरान जानकारी मिली कि शिवरा सहित कई स्थानों पर पुलिया डूबने से आवागमन बाधित है। हालांकि बाढ़ के बाद जलस्तर में करीब एक मीटर की कमी दर्ज की गई है।
भ्रमण के दौरान 8वीं सदी के प्राचीन सूर्य मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया गया। वहीं, बाढ़ के कारण रास्ते कट जाने से शिवरा गांव स्थित शिवरन देवी धाम और गौरा देवी स्थान तक नहीं पहुंचा जा सका।
नदी विशेषज्ञ समाज शेखर ने कहा कि ईश्वरीय आशीर्वाद से वर्तमान समय में बकुलाही की दोनों धाराओं में पर्याप्त जल है। निरीक्षण के आधार पर जल्द ही एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार, समाज और जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी, ताकि बकुलाही की प्राचीन धारा के संरक्षण और उसके समग्र पुनरोद्धार के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।
इस दौरान बिभव सिंह, धर्मेंद्र पटेल, मोहम्मद जलालुद्दीन, सुरेंद्र पटेल, राज कुमार शुक्ल, राज कुमारी पटेल, मोती लाल पटेल और अभय सरोज सहित अन्य लोग मौजूद रहे।












