दिल्ली:पुलिस ने आज अपना ‘कमिश्नरेट डे’ मनाया गया, इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल और पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर
1/7/2026को दिल्ली: पुलिस आज अपना ‘कमिश्नरेट डे’ मना रही है।इस खास मौके पर किंग्सवे कैंप स्थित ‘न्यू पुलिस लाइंस ग्राउंड’ में एक भव्य और गौरवशाली कमिश्नरेट डे परेड का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक दिन को चिह्नित करने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल और पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे।इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पुलिस अधिकारियों और जवानों को संबोधित करते हुए बदलती हुई चुनौतियों के बीच आधुनिक, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित पुलिसिंग पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस के कंधों पर है और इसे वर्तमान समय की जटिल परिस्थितियों में पूरी निष्ठा और पेशेवर तरीके से निभाया जा रहा है।उपराज्यपाल ने कहा कि सक्रिय, पेशेवर और नागरिक केंद्रित कार्यशैली अपनाकर दिल्ली पुलिस न केवल अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बना सकती है, बल्कि आम लोगों तक बेहतर सेवाएं भी पहुंचा सकती है. उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और जनसहभागिता के माध्यम से दिल्ली पुलिस भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करेगी।उन्होंने कहा कि दिल्ली को अधिक सुरक्षित, संरक्षित और नागरिकों के लिए भरोसेमंद राजधानी बनाने में दिल्ली पुलिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. कमिश्नरेट डे के अवसर पर उन्होंने पुलिस बल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, अनुशासन और सेवा भावना की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ही नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी महत्वपूर्ण दायित्व निभा रही है. उन्होंने कहा कि समय के साथ अपराध के तरीके और पुलिसिंग की चुनौतियां लगातार बदल रही हैं. ऐसे में पुलिस को नवाचार, नई तकनीकों के इस्तेमाल और कार्यशैली में निरंतर सुधार के साथ आगे बढ़ना होगा।अपने संबोधन में उन्होंने पुलिस बल से दृश्यमान (Visible), मानवीय (Humane), ईमानदार (Honest) और तकनीक आधारित (Technology-driven) पुलिसिंग के मूल सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार जितना संवेदनशील और पारदर्शी होगा, जनता का विश्वास उतना ही मजबूत होगा












