मैनपुरी में भू-माफियाओं के खिलाफ अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, प्रशासन पर गंभीर आरोप; डीएम को सौंपा ज्ञापन

मैनपुरी में भू-माफियाओं के खिलाफ अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, प्रशासन पर गंभीर आरोप; डीएम को सौंपा ज्ञापन

संवादाता: पंकज मिश्रा 

मैनपुरी। जिले में कथित भू-माफियाओं के खिलाफ अधिवक्ताओं का गुस्सा खुलकर सामने आया। अधिवक्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और सरकारी व सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए।

अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि भैंसरोली गांव के ग्राम प्रधान यशपाल उर्फ अजय पाल सहित कई लोगों ने मिलीभगत कर सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। उनका कहना है कि इस कब्जे के कारण आम लोगों की सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।

अधिवक्ताओं के अनुसार वर्ष 2014 में सांसद निधि से आम जनता की सुविधा के लिए बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय के एक हिस्से को बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया गया, जबकि यह सार्वजनिक संपत्ति थी।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि 19 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी द्वारा निर्माण कार्य पर रोक (स्टे) लगाए जाने के बावजूद भू-माफियाओं ने नियमों की अनदेखी करते हुए निर्माण जारी रखा और लैंटर डालने तक की तैयारी कर ली।

अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में एसडीएम भोगांव की भूमिका संदिग्ध है और उनके संरक्षण में ही अवैध कब्जे को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

इतना ही नहीं, अधिवक्ताओं का आरोप है कि अवैध कब्जे की शिकायत करने वाले पीड़ित अधिवक्ता को ही दबाव बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने ₹47,333 का नोटिस जारी कर दिया, जिससे न्याय की मांग करने वालों का उत्पीड़न हो रहा है।

अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। वहीं, प्रशासन की ओर से मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।

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