महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक ने किया झांसी एवं ललितपुर के वर्षा जल संरक्षण कार्यों का दौरा

महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक ने किया झांसी एवं ललितपुर के वर्षा जल संरक्षण कार्यों का दौरा

 

टहरौली (झांसी): इक्रिसैट के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक ने मध्य भारतीय परिदृश्य के अंतर्गत बुंदेलखंड क्षेत्र में इक्रिसैट द्वारा संचालित वर्षा जल संरक्षण एवं अन्य विकासात्मक कार्यों का विस्तृत भ्रमण किया। उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत ललितपुर क्लस्टर के आदिवासी बहुल पूरा–बिर्धा गांव से की।

 

इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों एवं परियोजना लाभार्थियों से संवाद किया तथा वर्षा जल संरक्षण एवं संचयन के माध्यम से भूजल पुनर्भरण, फसल सघनीकरण, पौधारोपण विकास और आजीविका में आए सकारात्मक परिवर्तनों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

 

भ्रमण के दौरान वर्षा जल संरक्षण एवं संचयन से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रमेश सिंह, डॉ. के. एच. अनंथा एवं सलाहकार आर. के. उत्तम ने दी। वहीं कृषिवानिकी एवं फसल सघनता के संबंध में सहायक वैज्ञानिक डॉ. अशोक शुक्ला एवं डॉ. नागार्जुना रेड्डी ने अपने विचार साझा किए।

 

डॉ. पाठक ने टहरौली परियोजना के अंतर्गत नोटा, भगोरा, गुंदाहा एवं भडोखर गांवों में क्रियान्वित प्रमुख कार्यों का निरीक्षण किया। इनमें सामुदायिक तालाब, हवेली प्रणाली, कृषिवानिकी तथा सूक्ष्म सिंचाई के प्रदर्शन प्लॉट शामिल थे। इस दौरान उन्होंने किसानों, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (एनआरएम) समितियों के सदस्यों एवं प्रोग्रेसिव बुंदेलखंड किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के प्रतिनिधियों से संवाद किया तथा किसानों की आय में वृद्धि हेतु परियोजना तालाबों में मत्स्य पालन के एकीकरण पर विशेष जोर दिया।

 

अपने भ्रमण के दौरान डॉ. हिमांशु पाठक ने रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों से भी संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने “जीवन में सफलता कैसे प्राप्त करें” विषय पर एक प्रेरणादायक व्याख्यान दिया, जिसे विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने अत्यंत सराहा।

 

इस संपूर्ण भ्रमण कार्यक्रम में रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी; आईसीएआर–राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, लखनऊ; सीजीआईएआर–वर्ल्डफिश तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इक्रिसैट की ओर से डॉ. अशोक शुक्ला, शिशुवेंद्र, सुनील, ई. दीपक, ई. आनंद, विजय, ई. ललित, शैलेन्द्र, अनिल, सत्येंद्र, राकेश सहित अनेक वैज्ञानिक एवं कर्मचारी मौजूद रहे। साथ ही ग्राम प्रधान नोटा शंभू पटेल, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण समिति के अध्यक्ष आशीष उपाध्याय, एफपीओ चेयरमैन पुष्पेन्द्र सिंह बुंदेला तथा क्षेत्र के अनेक किसान व ग्रामीण भी उपस्थित रहे।

 

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