जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला उद्योग एवं व्यापार बन्धु की बैठक सम्पन्न, उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश
प्रतापगढ़। संवाददाता: अमित शुक्ला
जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय स्थित सभागार में जिला उद्योग एवं व्यापार बन्धु की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद के उद्यमियों व व्यापारियों से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान मो. अकबर के विद्युत बिलों में अधिक वसूली गई धनराशि के समायोजन का मामला लम्बित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिशासी अभियंता, विद्युत रानीगंज को निर्देशित किया कि स्वयं प्रकरण की जांच कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।
सूर्य प्रताप सिंह, डायरेक्टर कसागी प्राइवेट लिमिटेड (सराय नाहर पोस्ट लक्ष्मीगंज, मानधाता) द्वारा इकाई स्थल के पास चौराहे के नवीनीकरण एवं नहर पुलिया की मरम्मत का मुद्दा उठाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग निर्माण खण्ड-2 के अधिशासी अभियंता को सड़क नवीनीकरण का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। वहीं पुलिया निर्माण के लिए उपायुक्त उद्योग को सिंचाई विभाग से समन्वय स्थापित कर कार्य कराने तथा जल जमाव की समस्या के निस्तारण हेतु बाधित नहर को खुलवाकर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा। समिति सदस्य रोशन लाल ऊमरवैश्य ने प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेले को देखते हुए चिलबिला बाईपास की खराब स्थिति से अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका को निर्देशित किया कि नगर के विभिन्न मार्गों पर अवैध रूप से रखी गई मोरंग, बालू, गिट्टी आदि को तत्काल हटवाया जाए। यदि संबंधित व्यक्ति स्वयं सामग्री नहीं हटाते हैं तो जब्ती की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही शहर के अत्यधिक भीड़भाड़ वाले संकरे मार्गों पर प्रवेश बिंदुओं पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, ताकि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर चार पहिया वाहनों का प्रवेश रोका जा सके और जाम की समस्या से राहत मिले। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की जानकारी देते हुए उपायुक्त उद्योग अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वित्तीय वर्ष में 1750 का लक्ष्य निर्धारित है। योजना के तहत 4898 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3981 आवेदन बैंकों को प्रेषित किए गए। बैंकों द्वारा 1159 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं तथा 1214 आवेदनों में ऋण वितरण की कार्रवाई पूर्ण की जा चुकी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी बैंक समन्वयकों को निर्देश दिए कि बैंकों में लंबित सभी पत्रावलियों का शीघ्र निस्तारण कर नियमानुसार ऋण वितरण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी शिकायतों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दिव्या मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर नैन्सी सिंह, सीओ लाइन शिव नारायण वैश, उपायुक्त उद्योग अजय कुमार त्रिपाठी, एलडीएम नीरज सिंह सहित मो. अनाम, मंजीत सिंह छावड़ा समेत अन्य उद्यमी एवं व्यापारी उपस्थित रहे।












