ग्रेटर नोएडा अखलाक मॉब लिंचिंग केस: सुनवाई के दौरान आरोपियों व सत्ता पक्ष की जुगलबंदी दिखी — कामरेड वृंदा करात
संवाददाता: पवन सूर्यवंशी (एनसीआर) ग्रेटर नोएडा। बहुचर्चित अखलाक मॉब लिंचिंग हत्याकांड में सोमवार को अपर जिला न्यायालय में सुनवाई हुई। पिछली तारीख पर सरकार द्वारा केस वापस लेने की अर्जी खारिज किए जाने के बाद न्यायालय ने आज पीड़ित पक्ष को गवाही के लिए तलब किया था।
निर्धारित समय पर अखलाक की पत्नी और पुत्र न्यायालय में उपस्थित हुए। पीड़ित पक्ष के साथ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की राष्ट्रीय नेत्री एवं पूर्व सांसद कामरेड वृंदा करात भी मौजूद रहीं।

सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने न्यायालय को अवगत कराया कि केस वापस लेने की अर्जी खारिज किए जाने के विरुद्ध सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। साथ ही आरोपियों के वकील द्वारा कोर्ट स्थानांतरण संबंधी आवेदन लंबित होने का हवाला देते हुए सुनवाई स्थगित रखने का अनुरोध किया गया।
सरकारी वकील और आरोपियों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अगली सुनवाई की तिथि 23 जनवरी निर्धारित करते हुए कार्यवाही स्थगित कर दी।
न्यायालय परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कामरेड वृंदा करात ने कहा कि सरकार को पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन आज की सुनवाई में सत्ता पक्ष और आरोपियों के बीच खुली जुगलबंदी साफ दिखाई दी। उन्होंने इसे न्याय प्रक्रिया का मजाक बताया।
इस दौरान सीपीआई(एम) जिला सचिव कामरेड रामसागर, सीटू जिला महासचिव रामस्वारथ, जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा, जिला कमेटी सदस्य सुखलाल, अरुण कुमार पटेल, लॉयर्स यूनियन नेता एडवोकेट अरुण प्रताप सिंह, अखलाक के अधिवक्ता मोहम्मद यूसुफ सैफी, अदवी नकवी सहित अनेक माकपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
समस्याओं का समाधान समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाए: एसडीएम












