गरीब श्रमिकों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएं: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़

गरीब श्रमिकों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएं: जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़

संवाददाता पवन सूर्यवंशी एनसीआर

प्रत्येक श्रमिक का पंजीकरण कराएं, दिलाएं योजनाओं का लाभ: जिलाधिकारी दिनांक 28 जनवरी 2026

श्रमिकों संबंधित कार्य में लापरवाही, कोताही एवं उदासीनता बरतने वालों पर की जाएगी जवाबदेही तय: जिलाधिकारी।श्रमिकों के पंजीकरण और योजना के लाभ दिलाने में लाई जाए क्रांतिकारी बदलाव: जिलाधिकारी

गाजियाबाद।महात्मा गाँधी सभागार, कलैक्ट्रेट गाजियाबाद में जिला श्रम बन्धु समिति, बाल श्रम उन्मूलन जनपद समिति व जिला स्तरीय टास्क फोर्स तथा जिला स्तरीय बंधुआ श्रम सतर्कता समिति की बैठक जिलाधिकारी महोदय श्री रविन्द्र कुमार माँदड़ की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। उप श्रम आयुक्त, गाजियाबाद श्री अनुराग मिश्र द्वारा बैठक में श्रम विभाग द्वारा चलायी जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, श्रमिक पंजीकरण तथा असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिक / कर्मकार जो गृह आधारित कर्मकार, गली में फेरी लगाने वाले, मध्यान्ह भोजन कर्मकार, सिर पर बोझा उठाने वाले, ईट भट्टा कर्मकार, मोंची, इत्यादि एवं अन्य इस प्रकार के व्यवसायों में कार्यरत कर्मकारों एवं ऐसे असंगठित कर्मकार आवर्त किये जायेगे, जिनकी मासिक आय रू0 15000/- से कम है तथा जो ईएसआई/ईपीएफ/एनपीएस योजना से आच्छादित नहीं है तथा आयकरदाता न हो, पर लागू होंगे। आवेदक की 60 वर्ष आयु पूर्ण होने पर रू0 3000/- प्रतिमाह की दर से पेंशन मिलेगी। आवेदक की मृत्यु के उपरान्त देय हितलाभ पेंशन का 50 प्रतिशत उसके आश्रित को पेंशन दिया जाएगा। साथ ही विभिन्न विभागों में मानदेय पर कार्यरत कार्मिक यथा ऑगनबाडी, आशा, रोजगार सेवक, रसोईया, मनरेगा श्रमिक आदि जिन्हें कर्मचारी राज्य बीमा योजना एवं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में आच्छादित नहीं किया गया है, को व्यापक अभियान के तहत तथा जिला परिषद, ब्लाक पंचायत, ग्राम पंचायत के स्तर पर तथा स्थानीय नगरीय निकायों में नगर निगम, नगर पालिका तथा नगर पालिका परिषद, जिला परिषद के कार्यालय के राहयोग से प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अन्तर्गत आच्छादित कराये जाने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि गरीब श्रमिकों को सशक्त बनाने के लिए उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना आपकी और हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। हर श्रमिक का पंजीकरण कराया जाएं और उन्हें योजना का लाभ दिलाएं । कार्य के प्रति लापरवाही कोताही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूर्ण होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। आगामी माह में पंजीकरण में क्रांतिकारी बदलाव लाना सुनिश्चित किया जाएं। श्रमिकों को अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ दिलाएं। श्रमिकों संबंधित किसी भी कार्य में उदासीनता ना बरती जाएं। साथ ही अध्यक्ष महोदय द्वारा बैठक में नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग व जल निगम आदि विभागों / कार्यदायी संस्थाओं के विभिन्न अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके यहां निर्माणाधीन स्थलों पर ठेकेदारों के सहयोग से निर्माण स्थल पर कार्यरत निर्माण श्रमिकों का पंजीयन कराया जाये तथा सभी विभाग एवं कार्यदायी संस्थाएं यह भी सुनिश्चित करें कि ठेकेदारों द्वारा अपने नियोजन में कार्यरत सभी निर्माण श्रमिकों का पंजीयन उ०प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत कराया जाए तथा निर्माण कार्य से पृथक असंगठित क्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों का ई-श्रम तथा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अन्तर्गत पंजीकरण कराया जाए। श्रम विभाग के सहायक श्रम आयुक्त/श्रम प्रवर्तन अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रमिक पंजीकरण हेतु एक माइको प्लान बनाकर निर्माण कार्यस्थलों / लेबर अड्डों के साथ ही मलिन बस्तियों, जहां पर अधिक संख्या में श्रमिक निवास करते हैं, उसके आसपास पंजीकरण कैम्प लगाये जाएं। बैठक में सहायक श्रम आयुक्त कृष्ण अवतार द्वारा अध्यक्ष महोदय को अवगत कराया गया कि श्रम विभाग के अन्तर्गत संचालित कन्या विवाह सहायता योजना के अन्तर्गत निर्माण श्रमिकों की दो पुत्रियों के विवाह हेतु प्रति पुत्री 65,000/ की अनुदान राशि, मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के अन्तर्गत निर्माण श्रमिकों की प्रथम दो संतान होने पर पुत्री होने की दशा में रू0 25,000/- व पुत्र होने पर रू0 20,000/- तथा महिला निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत होने पर तीन माह का न्यूनतम वेतन व 1000/- रू0 बोनस तथा पुरुष निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत होने पर 6000/ रू0 की एकमुश्त हितलाभ देय है। संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत कक्षा 01 से प्रारंभ होकर उच्चस्तर शिक्षा तक छात्रवृत्ति देय है। निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता योजना के अंतर्गत सामान्य मृत्यु की दशा में 225000/- दुर्घटना मृत्यु की दशा में 525000/- का हितलाभ पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के आश्रितो को दिया जाता है। आपदा राहत ग्रेप-4 के अंतर्गत आपदा की स्थिति में 1000/- प्रति सप्ताह देय है। बैठक में उप श्रम आयुक्त अनुराग मिश्र द्वारा यह भी अवगत कराया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 6937 श्रमिक पंजीकरण, 5876 अधिष्ठान पंजीकरण एवं विभिन्न संचालित योजनाओं के अन्तर्गत 12301 लाभार्थियों को 64231963/-रु० हितलाभ दिलाया गया। जिलाधिकारी महोदय द्वारा जिला श्रम बन्धु समिति, बाल श्रम उन्मूलन जनपद समिति व जिला स्तरीय टास्क फोर्स की समीक्षा के दौरान बाल कल्याण समिति की सदस्य श्रीमती कौमुद चौधरी द्वारा जनपद गाजियाबाद के अन्तर्गत 08 से 14 आयु के बच्चों हेतु शेल्टर हॉम न होने से अवगत कराया गया, जिस पर जिलाधिकारी महोदय द्वारा जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि तत्काल नियमानुसार उक्त हेतु प्रस्ताव प्रेषित कराया जाए। साथ ही श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सतत अभियान चलाकर जनपद को बाल श्रम मुक्त किया जाए।साथ ही जिला स्तरीय बंधुआ श्रम सतर्कता समिति की समीक्षा में श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लम्बित समरी ट्रायल वादों को नियमित समन्वय कर निस्तारण अतिशीघ्र करायें। उक्त बैठक में श्री कुमार सौरभ, अधिशासी अभियन्ता, उ०प्र० जल निगम गाजियाबाद, श्री रामराजा, अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग, श्री वाई०पी० सिंह, जिला सूचना अधिकारी गाजियाबाद, श्रीगती विनीता सिंह, सहायक श्रम आयुक्त, श्री कृष्ण अवतार सहायक श्रम आयुक्त, समस्त श्रम प्रवर्तन अधिकारी, गाजियाबाद, श्री मनोज कुमार, अवर अभियन्ता, नगर पालिका परिषद लोनी, श्री सतेन्द्र, अवर अभियन्ता, नगर पालिका मोदीनगर, श्री अनिल गिरि, महामंत्री, हिन्द मजदूर सभा, श्री राजेन्द्र कुमार भारतीय मजदूर संघ, श्री कृष्ण, सी०टू०, डॉ० कौमुद चौधरी बाल कल्याण समिति व अन्य विभागीय अधिकारी, गाजियाबाद उपस्थित रहे।

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें