चकबंदी विवाद में किसान की मौत: एसीओ-लेखपाल पर दर्ज हुई FIR, सांसद के पत्र के बाद कार्रवाई
संवादाता: पंकज मिश्रा
मैनपुरी जिले के करहल तहसील क्षेत्र के दौलतपुर गांव में किसान संग्राम सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने चकबंदी से जुड़े दो अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव के पत्र और परिजनों के दबाव के बाद यह कार्रवाई की गई। थाना कुर्रा में दर्ज एफआईआर में सहायक चकबंदी अधिकारी (एसीओ) नरेंद्र कुमार वर्मा और लेखपाल विमलेश को नामजद किया गया है। यह मुकदमा मृतक किसान के पुत्र सुनील कुमार की तहरीर पर दर्ज हुआ है। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितता, दबाव और कथित रिश्वत मांगने के कारण संग्राम सिंह लंबे समय से मानसिक तनाव में थे, जिससे परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।
जानकारी के अनुसार, 60 वर्षीय संग्राम सिंह ने 6 अप्रैल की रात अपनी झोपड़ी में फांसी लगाकर जान दे दी थी। उन्होंने कथित तौर पर सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें चक को मूल जोत से हटाने, भ्रष्टाचार और रिश्वत मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
घटना के बाद 7 अप्रैल को जब शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
इसी बीच सपा सांसद डिंपल यादव ने भी जिला प्रशासन को पत्र लिखकर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने संज्ञान लेते हुए दोनों अधिकारियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया।
करहल क्षेत्राधिकारी अजय चौहान ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।












