पिता को कंधों पर बैठाकर निकले चार बेटे, एटा में कांवड़ यात्रा बनी सेवा और संस्कार की मिसाल।
संवादाता अमन अहमद एटा: श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा के दौरान एटा जनपद में एक ऐसा भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी का दिल छू लिया। जहां एक ओर श्रद्धालु भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए उत्साह के साथ यात्रा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चार पुत्रों ने अपने वृद्ध पिता की वर्षों पुरानी इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें विशेष रूप से तैयार की गई कांवड़ पर बैठाकर शिवधाम की यात्रा शुरू की। इस अनूठी सेवा-भावना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी अरविंद सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन ने स्वयं रुककर परिवार से मुलाकात की और उनके संस्कारों की सराहना की।
जानकारी के अनुसार जनपद आगरा के एत्मादपुर क्षेत्र के ग्राम मदरा, डॉ. नगला सबल निवासी वृद्ध गोदन सिंह लंबे समय से भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक की इच्छा रखते थे। अपने पिता की इस मनोकामना को पूरा करने के लिए उनके चार पुत्र—जयप्रकाश, किशन, टिंकू और बंटी—ने विशेष कांवड़ तैयार कर उन्हें उसमें बैठाया और बारी-बारी से अपने कंधों पर उठाकर जलेसर स्थित शिव मंदिर की ओर यात्रा शुरू की।
रतीभानपुर से भैसूली होते हुए जलेसर मार्ग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और एसएसपी की नजर इस परिवार पर पड़ी। दोनों अधिकारियों ने यात्रा को कुछ समय के लिए रुकवाकर चारों भाइयों और उनके पिता से बातचीत की तथा उनके इस सेवा भाव को समाज के लिए अनुकरणीय बताया।
जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने कहा कि आज के दौर में माता-पिता के प्रति ऐसा समर्पण दुर्लभ है। उन्होंने चारों भाइयों को आधुनिक युग का “श्रवण कुमार” बताते हुए कहा कि माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म और सच्ची ईश्वर भक्ति है। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन ने भी चारों पुत्रों के संस्कारों की प्रशंसा करते हुए उनकी सुरक्षित एवं मंगलमय कांवड़ यात्रा की कामना की।
यह प्रेरक घटना कांवड़ यात्रा के धार्मिक महत्व के साथ-साथ भारतीय संस्कृति में माता-पिता के सम्मान, सेवा और पारिवारिक मूल्यों की जीवंत मिसाल बन गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी चारों भाइयों की सराहना करते हुए उनके इस प्रयास को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया।
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