नगला जवाहरी-मंशी में लकड़ी माफियाओं का आतंक, फलदार पेड़ काटे, ग्रामीण आक्रोशित
संवाददाता योगेंद्र सिंह. एटा: नगला जवाहरी-मंशी क्षेत्र में लकड़ी माफियाओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। बीती रात माफियाओं ने गांव के बाहर खड़े आम, जामुन और नींबू जैसे कई फलदार पेड़ काट डाले। ग्रामीणों ने बताया कि पेड़ काटने की आवाजें रात में सुनाई दीं, लेकिन माफियाओं की संख्या अधिक होने और हथियारबंद होने के कारण कोई भी विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
ग्रामीण रामसनेही, कैलाश और सियाराम ने कहा कि इन पेड़ों से गांव के लोग वर्षों से फल ले रहे थे। बच्चों को छांव मिलती थी। अब पेड़ कटने से गर्मियों में तपन और बढ़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग और पुलिस को सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। विभागीय अधिकारियों की चुप्पी से माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
पर्यावरण प्रेमियों ने जताई चिंता क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमी अशोक शर्मा का कहना है कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से क्षेत्र का पारिस्थितिकी तंत्र बिगड़ रहा है। “एक फलदार पेड़ न केवल ऑक्सीजन देता है बल्कि पक्षियों और जीव-जंतुओं का आसरा भी होता है। वन विभाग को तत्काल कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।”
वन विभाग का पक्ष नहीं मिला इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे जल्द ही जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।
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