मोदी मे अगर दम है तो सामान्यवर्ग बहुल वाराणसी को छोड़कर, किसी भी मुस्लिम बहुल या अपने चहेते जाति बहुल वाली सीट पर लड़कर देख लें।हाल वही होगा जो कांग्रेस का हुआ है।
संवाददाता पवन सूर्यवंशी उत्तर प्रदेश
जनता दल बीजेपी मिलकर ओबीसी लाए, क्या ओबीसी ने उन्हे वोट किया वो लालू नीतीश मुलायम जैसों के साथ गए कई जात वाली पार्टी बन गई. बीजेपी जनता दल दोनों निपट गए. वाजपेयी 0 नंबर का सिस्टम लाए यानी अगर जीरो नंबर पर भी आरक्षित सीट का कट ऑफ आया तो आपकी नौकरी पक्की। क्या इसका लाभ लेने वालों ने वोट दिया? नहीं, वाजपेयी ही निपट गए।
मोदी ने PG आरक्षण
सैनिक स्कूल आरक्षण
नवोदय विद्यालय में आरक्षण
OBC को संवैधानिक दर्जा
Sc – St को मजबूत
और इस से ये मिला की बीजेपी की सीट 63 कम हो गई, खुद मोदी के 2 लाख वोट कम हो गए जात वालों और मुसलमानों में यही कॉमन होता है, सबसे ज्यादा फायदा यह जिस भी पार्टी से लेंगे फिर चुनाव के वक्त सोचेंगे कि अगर यह पार्टी हमें इतना फायदा दे रही है तो सोचो अपने जात या धर्म पर बनी पार्टी हमें कितना फायदा देगी?
मोदी मे अगर दम है तो सामान्यवर्ग बहुल वाराणसी को छोड़कर, किसी भी मुस्लिम बहुल या अपने चहेते जाति बहुल वाली सीट पर लड़कर देख लें।हाल वही होगा जो कांग्रेस का हुआ है।












