SDM करछना प्रयागराज के संरक्षण में चल रहा अवैध बालू का खेल? नैनी में दिनदहाड़े ओवरलोड ट्रैक्टर दौड़ने से मचा हड़कंप, पुलिस की चुप्पी, खनन विभाग खामोश, कारखास सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
पवन सूर्यवंशी ब्यूरो चीफ़ ऑल एनसीआर
नैनी, प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के नैनी थाना अंतर्गत मंगलवार को सामने आया एक मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। दिनदहाड़े क्षमता से कई गुना अधिक बालू लादकर एक ओवरलोड ट्रैक्टर मुख्य मार्गों पर दौड़ता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार ट्रॉली में बालू इतनी अधिक मात्रा में भरी थी कि वह ट्रॉली की ऊंचाई से काफी ऊपर तक दिखाई दे रही थी, बावजूद इसके वाहन बेखौफ होकर सड़क पर चलता रहा। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने खुलेआम हो रहे अवैध बालू परिवहन पर जिम्मेदार विभागों की नजर क्यों नहीं पड़ी। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि किसी आम वाहन चालक से मामूली नियम उल्लंघन भी हो जाए तो तत्काल कार्रवाई हो जाती है, लेकिन अवैध बालू से लदे ओवरलोड वाहन अक्सर बिना किसी रोक-टोक के गुजरते नजर आते हैं। स्थानीय नागरिकों के बीच यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि बिना संरक्षण के इस तरह का अवैध कारोबार संभव नहीं हो सकता। इलाके में यह भी चर्चा है कि थाना स्तर पर सक्रिय तथाकथित “कारखास सिस्टम” अवैध कारोबारियों के लिए सुरक्षा कवच बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार कुछ प्रभावशाली लोग, जो किसी आधिकारिक पद पर नहीं हैं, वे अवैध कारोबारियों और सिस्टम के बीच संपर्क सूत्र की भूमिका निभाते बताए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि पूरे मामले में खनन विभाग पूरी तरह खामोश दिखाई दे रहा है। क्षेत्रीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि जब दिनदहाड़े ओवरलोड बालू से भरे वाहन मुख्य मार्गों पर दौड़ रहे हैं तो आखिर खनन विभाग की टीम कार्रवाई क्यों नहीं कर रही। क्या विभागीय निगरानी पूरी तरह निष्क्रिय हो चुकी है, या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं? इलाके में यह चर्चा भी जोरों पर है कि अवैध खनन और परिवहन का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि कार्रवाई का भय लगभग समाप्त हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता ने माफियाओं के हौसले और बढ़ा दिए हैं। ओवरलोड वाहनों से सड़क हादसों की आशंका लगातार बनी रहती है, इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। मामले को लेकर अब क्षेत्रीय नागरिकों ने डीसीपी यमुनानगर, जिला प्रशासन, खनन विभाग और परिवहन विभाग से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर अवैध खनन और परिवहन में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस नेटवर्क पर सख्ती नहीं हुई तो आने वाले दिनों में अवैध खनन का यह खेल और अधिक व्यापक रूप ले सकता है। फिलहाल, इलाके में वायरल फोटो और वीडियो चर्चा का विषय बने हुए हैं, जबकि प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।












