जनपद एटा में गरीबों के निवाले पर डाका! राशन माफिया बेखौफ, शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी बने अंजान
संवाददाता योगेन्द्र सिंह
एटा में सरकारी राशन की खुलेआम कालाबाजारी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। राशन डीलरों की मनमानी से गरीब लाभार्थियों को पूरा राशन नहीं मिल पा रहा है। तोल में हेराफेरी, प्रति कार्ड कटौती और अनाज गायब करने जैसे गंभीर आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। शिकोहाबाद रोड पर बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे राशन के फड़, जहां सरकारी चावल की खुलेआम खरीद-फरोख्त की जा रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ माह पूर्व मिड-डे मील का राशन पकड़े जाने के बावजूद भी राशन माफिया पूरी तरह सक्रिय हैं, जिससे प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, किसान संगठन के नाम पर कई राशन माफिया काले कारोबार में सक्रिय हैं। एटा से कासगंज के लिए ठंडी सड़क और अलीगंज रोड के रास्ते प्रतिदिन 5 से 6 मैक्स और लोडर वाहन सरकारी राशन लेकर बेखौफ गुजर रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसकी मिलीभगत से जनपद में राशन की कालाबाजारी फल-फूल रही है? शिकायतों के बावजूद जानकर भी अंजान क्यों बने हैं अधिकारी?
क्या जिम्मेदारों की संलिप्तता के बिना यह खेल संभव है?
मामला अब प्रशासनिक उदासीनता और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।












