एटा जीआईसी में एडीजी सीआरपीएफ अंशुमान यादव का निरीक्षण: बोले– अब एटा की पहचान शिक्षा और संस्कृति से होगी, तमंचे से नहीं

एटा जीआईसी में एडीजी सीआरपीएफ अंशुमान यादव का निरीक्षण: बोले– अब एटा की पहचान शिक्षा और संस्कृति से होगी, तमंचे से नहीं

संवाददाता धर्मेंद्र चौहान

एटा। एडीजी सीआरपीएफ अंशुमान यादव ने रविवार को एटा का दौरा किया और राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) के सभागार में चल रहे पुनरोद्धार कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जीआईसी के जीर्णोद्धार और आगामी 10वें एटा पुस्तक महोत्सव की तैयारियों को लेकर एक बैठक में भाग लिया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 18 से 21 दिसंबर तक जीआईसी मैदान में एटा पुस्तक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जो जिले के युवाओं को नई दिशा और प्रेरणा देगा। अंशुमान यादव ने जीआईसी से अपने भावनात्मक जुड़ाव को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं इसी विद्यालय से शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने गर्व से बताया कि यह वही संस्थान है, जिसने देश को प्रसिद्ध साहित्यकार गोपाल दास ‘नीरज’ जैसे रत्न दिए हैं। एडीजी यादव ने कहा कि जीआईसी की इमारत जर्जर अवस्था में पहुंच गई थी, जिसके बाद इस विद्यालय के पूर्व छात्रों ने समिति बनाकर इसके पुनर्निर्माण का बीड़ा उठाया। उन्होंने बताया कि अपेक्षा से अधिक आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ है, जिससे जीर्णोद्धार कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “एटा की पहले पहचान तमंचे और बदमाशी से जुड़ी थी, लेकिन अब समय बदल चुका है। आज एटा शिक्षा, संस्कृति और साहित्य की दिशा में नई पहचान बना रहा है।” यादव ने कहा कि एटा पुस्तक महोत्सव जैसे आयोजन स्थानीय युवाओं को करियर निर्माण और रचनात्मकता की ओर प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने अपील की कि समाज के सक्षम लोग जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं, क्योंकि यही सच्ची सेवा है।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर की विभिन्न इकाइयों का जायजा लिया और अधिकारियों से गुणवत्ता के साथ समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वास जताया कि जीआईसी का नवनिर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह संस्थान फिर से अपने पुराने गौरव को प्राप्त करेगा और एटा जिले की एक अलग, सकारात्मक पहचान बनेगी।

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