जन्माष्टमी 2025: शुभ योगों का महासंयोग, इस दिन होगा कान्हा का जन्मोत्सव
???? तिथि:
इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व 16 अगस्त 2025, शनिवार को मनाया जाएगा।
कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि इस दिन विशेष योगों के साथ पड़ रही है, जिससे यह पर्व और भी शुभ हो गया है।
⏳ निशीथ पूजा मुहूर्त
श्रीकृष्ण का जन्म निशीथ काल (मध्य रात्रि) में हुआ था, इसलिए इस समय पूजा का विशेष महत्व है।
समय: रात 12:03 बजे से 12:47 बजे तक
अवधि: 43 मिनट
यही वह क्षण है जब भक्तजन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आनंद लेते हैं, मंत्रोच्चार, शंख-घंटाध्वनि और भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो जाता है।
???? पारण (उपवास खोलने) का समय
तारीख: 17 अगस्त 2025
समय: सुबह 05:50 बजे के बाद
भक्तजन इस समय व्रत का पारण करेंगे और प्रसाद ग्रहण करेंगे।
✨ इस जन्माष्टमी पर बनने वाले विशेष योग
2025 की जन्माष्टमी एक अद्भुत संयोग लेकर आ रही है। इस दिन चार महत्वपूर्ण और शुभ योग बन रहे हैं —
1. वृद्धि योग – सभी कार्यों में प्रगति और सफलता का संकेत।
2. सर्वार्थ सिद्धि योग – कार्य सिद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए श्रेष्ठ।
3. अमृत सिद्धि योग – हर कार्य में शुभ फल प्रदान करने वाला।
4. ज्वालामुखी योग – ऊर्जा और साहस से भरे कार्यों के लिए अनुकूल।
इन योगों का एक साथ आना बहुत दुर्लभ है और धार्मिक मान्यता के अनुसार यह समय श्रीकृष्ण भक्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ रहेगा।
???? विशेष महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन व्रत-पूजन से जीवन में सुख, समृद्धि और संकटों से मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। भक्त रातभर जागरण करते हैं, भजन-कीर्तन गाते हैं और ठीक निशीथ काल में श्रीकृष्ण जन्म का उत्सव मनाते हैं।
अगर आप चाहें तो मैं इस खबर में पूरी पूजा-विधि, कथा, मंत्र और रात्रि के ग्रह-नक्षत्र का विवरण भी जोड़कर इसे एक संपूर्ण जन्माष्टमी विशेष बना सकता हूँ।
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