जमीनी विवाद बना खूनी संघर्ष हत्या के प्रयास में शामिल 04 अभियुक्त गिरफ्तार,बाघराय पुलिस की बड़ी कार्रवाई
जिला संवाददाता प्रतापगढ़
अवधेश चंद्र पांडेय
प्रतापगढ़। जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना बाघराय पुलिस ने जमीनी विवाद से उपजे हत्या के प्रयास के एक गंभीर मामले में 04 नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। बताते चलें कि घटना 26 दिसंबर 2025 की है, जब थाना बाघराय पुलिस गश्त व संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग में व्यस्त थी। इसी दौरान दूरभाष से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम धारूपुर में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों—अनुज शुक्ला व सूर्य प्रताप सिंह—के बीच हिंसक झड़प हो रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर कुर्सियों से हमला करते हुए गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देते पाए गए। पुलिस जांच में सामने आया कि विवाद अनुज शुक्ला द्वारा लैट्रिन के पास दीवार निर्माण के लिए पीलर की नींव रखे जाने के विरोध से शुरू हुआ, जो देखते ही देखते उग्र रूप ले गया। इस मामले में थाना पर बीएनएस की संगीन धाराओं में 09 व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी बृजनन्दन राय एवं क्षेत्राधिकारी सदर करिश्मा गुप्ता के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष बाघराय श्रवण कुमार के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने सतत दबिश व तलाश के दौरान मिली सूचना के आधार पर गंगा एक्सप्रेस-वे पुल के नीचे से चारों अभियुक्तों को धर दबोचा।गिरफ्तार अभियुक्तों में आकाश सिंह (30 वर्ष) पुत्र मनोज सिंह,शैलेन्द्र सिंह (40 वर्ष) पुत्र स्व. रामेश्वर सिंह,साहिल सरोज (22 वर्ष) पुत्र पुट्टे सरोज,शशांक सरोज (20 वर्ष) पुत्र अर्जुन सरोज सभी निवासी ग्राम धारूपुर थाना बाघराय के हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों में से कुछ के विरुद्ध पूर्व में भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिससे उनके आपराधिक इतिहास की पुष्टि होती है। सभी अभियुक्तों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के उपरांत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में शांति व्यवस्था भंग करने वालों और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।












