मैनपुरी को मिली पर्यटन विकास की बड़ी सौगात: 18 परियोजनाओं के लिए 22.29 करोड़ रुपये स्वीकृत
संवाददाता: पंकज मिश्रा
मैनपुरी जनपद के पर्यटन विकास को नई गति देने के लिए पर्यटन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत बड़ी पहल की है। आगरा मंडल के अंतर्गत मैनपुरी में कुल 18 पर्यटन विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनके लिए 2229 लाख रुपये (करीब 22.29 करोड़ रुपये) की धनराशि स्वीकृत की गई है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार करना और पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं सुलभ कराना है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मैनपुरी में ऐतिहासिक और प्राचीन धार्मिक स्थलों की भरमार है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। बेहतर कानून व्यवस्था, कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं के विकास के चलते पिछले कुछ वर्षों में जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिला है। प्रमुख मंदिरों और स्थलों को मिला बजट मंत्री के अनुसार, मैनपुरी मुख्यालय स्थित सत्तेश्वर महादेव मंदिर के लिए 80 लाख रुपये, आर्य समाज मंदिर के लिए 140 लाख रुपये और बजरंगबली हनुमान मंदिर के लिए 110 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा मां गंगा देवी मंदिर ज्योति के लिए 1 करोड़ रुपये तथा किशनी क्षेत्र के भगवान श्री नरसिंह धाम के लिए 75 लाख रुपये की धनराशि दी गई है। चंद्रपुरा स्थित नैनसुख महाराज मंदिर और फतेहजंगपुर के शंकर जी महाराज मंदिर सहित कई अन्य धार्मिक स्थलों को भी करोड़ों रुपये की सहायता दी गई है। वहीं श्री ब्रह्मदेव एवं शिव मंदिर के लिए 1 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। अन्य विकास कार्य भी शामिल करहल क्षेत्र के घिरोर स्थित वनखंडेश्वर आश्रम के लिए 130 लाख रुपये, टिण्डौली के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर के लिए 65 लाख रुपये तथा मानस स्मारक मंदिर के लिए 165 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।सती माता मंदिर, वनखंडेश्वर महादेव मंदिर (धाऊ बाईपास), ढिबड्या स्थित मंदिर और लोहिया पार्क में भी विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके अलावा आवास विकास क्षेत्र में बीएसएनएल ऑफिस के सामने पार्क के लिए 87 लाख रुपये और भोगांव विधानसभा क्षेत्र के धमियापुर स्थित धामेश्वर मंदिर के लिए 198 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, सुविधाएं होंगी बेहतर इन सभी परियोजनाओं के तहत मंदिरों और धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण, मार्गों का विकास, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सरकार की इस पहल से मैनपुरी को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।












