भाजपा मुख्यालय पर आधी रात सियासी संग्राम: सपा महिला कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, पुलिस ने संभाला मोर्चा
डिप्टी स्टेट ब्यूरो चीफ धर्मेंद्र चौहान 




राजधानी लखनऊ में देर रात भाजपा मुख्यालय के बाहर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब समाजवादी पार्टी की महिला कार्यकर्ता प्रदर्शन करने पहुंच गईं। महिला कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद मुख्यालय का गेट अंदर से बंद कर दिया गया। कुछ ही देर में भाजपा कार्यकर्ता भी मुख्यालय के अंदर से बाहर आ गए और पार्टी समर्थन में नारे लगाने लगे। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी तेज होने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान सपा महिला कार्यकर्ता भाजपा मुख्यालय के गेट पर बैठ गईं और सरकार विरोधी नारे लगाने लगीं। वहीं भाजपा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री और पार्टी के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने पहुंची तो महिलाओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया। प्रदर्शनकारी महिलाएं अपने साथ पोस्टर भी लेकर पहुंची थीं। पोस्टर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तुलना दिखाई गई थी। पोस्टर में अखिलेश यादव को “स्वच्छ छवि वाला नेता” बताया गया, जबकि दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी की तस्वीर के साथ विभिन्न मुकदमों का जिक्र किया गया था। पोस्टर के नीचे लिखा था — “चुनाव आपका, फैसला आपका।” सपा महिला सभा की प्रदेश सचिव रंजना पटेल ने आरोप लगाया कि उनके नेता अखिलेश यादव की छवि को जानबूझकर खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इसका खुलकर विरोध करेगी और किसी भी प्रकार की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।रंजना पटेल ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान देने के बजाय विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और विरोध जारी रहेगा।












