“ना लेटरपैड, ना पृष्ठ संख्या… सीधे ₹4694 की मांग!” — ग्राम पंचायत हरदास की RTI कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू. बेमेतरा जिले के जनपद पंचायत साजा अंतर्गत ग्राम पंचायत हरदास में सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आवेदक द्वारा पंचायत से 15वें वित्त आयोग अंतर्गत प्रस्ताव रजिस्टर, कैशबुक, ऑनलाइन कैशबुक एवं बिल वाउचर की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई थीं।
आवेदक का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा जो मांग पत्र जारी किया गया, वह न तो विधिवत लेटरपैड पर जारी किया गया और न ही उसमें ग्राम पंचायत सचिव, सरपंच अथवा सक्षम अधिकारी का स्पष्ट नाम एवं पदनाम अंकित किया गया। इतना ही नहीं, सूचना उपलब्ध कराने हेतु मांगे गए ₹4694 शुल्क का कोई विस्तृत आधार भी पत्र में नहीं बताया गया.
आरोपों के अनुसार पत्र में यह तक उल्लेख नहीं किया गया कि कुल कितने पृष्ठों की प्रतिलिपि उपलब्ध कराई जानी है और प्रति पृष्ठ शुल्क की गणना किस प्रकार की गई। RTI नियमों के अनुसार शुल्क निर्धारण का स्पष्ट विवरण देना आवश्यक माना जाता है, लेकिन यहां सीधे भारी राशि जमा कराने का निर्देश जारी कर दिया गया।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं। सूचना अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि किसी नागरिक से हजारों रुपये की मांग की जाती है तो उसका पूरा गणना विवरण, सक्षम अधिकारी का नाम, एवं विधिवत कार्यालयीन प्रारूप होना अनिवार्य है।
अब शिकायतकर्ता द्वारा राज्य सूचना आयोग में शिकायत प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है, जिसमें आरोप लगाया जाएगा कि अस्पष्ट शुल्क मांगकर सूचना प्राप्ति में बाधा उत्पन्न की गई तथा RTI अधिनियम की प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
इस पूरे मामले ने ग्राम पंचायतों में सूचना अधिकार व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।
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