पोखर पर अवैध कब्जा हटाने की मांग, रोड पर जलभराव से परेशान ग्रामीण पहुंचे तहसील

एटा: पोखर पर अवैध कब्जा हटाने की मांग, रोड पर जलभराव से परेशान ग्रामीण पहुंचे तहसील

संवाददाता योगेंद्र सिंह. जलेसर (एटा)। जलेसर तहसील परिसर में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में गांव के दर्जनों लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने पोखर पर अवैध अतिक्रमण हटवाने की मांग की। उनका कहना था कि पोखर पर कब्जा होने के कारण बरसात का पानी उसमें नहीं जा पा रहा है, जिससे गांव की मुख्य सड़क पर जलभराव की स्थिति बनी रहती है।

ग्राम पंचायत नगला धनी के निवासी लल्ला सिंह, जगवीर, रामसिंह, देवकीनंदन, सत्यपाल आदि ने बताया कि लगातार कई महीनों से पोखर पर कब्जा कर निर्माण सामग्री डाली जा रही है। पानी निकासी बंद होने से सड़क पर हमेशा पानी भरा रहता है। राहगीर फिसलकर गिर रहे हैं और स्कूली बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बुजुर्गों व बीमार लोगों के लिए यह समस्या और भी गंभीर बनी हुई है।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

ग्रामीण लल्ला सिंह ने कहा. “हम लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं। अगर पोखर का कब्जा नहीं हटेगा तो गांव में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द कार्यवाही हो।”

रामसिंह ने बताया. “रात में पानी में गड्ढा नजर नहीं आता। कई बाइक सवार गिर चुके हैं। बच्चे भी फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।”

डीएम का निरीक्षण और निर्देश

समाधान दिवस में जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह भी पहुंचे। उन्होंने समाधान दिवस की कार्यवाही का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

“जन समस्याओं का निस्तारण गुणवत्ता पूर्ण और समयबद्ध तरीके से किया जाए। हर प्रार्थना पत्र की मॉनिटरिंग कर यह सुनिश्चित करें कि पीड़ित को न्याय मिले। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा। संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर जांच कर तत्काल कार्यवाही करें।”

एसडीएम के आदेश

एसडीएम जलेसर देवेंद्र कुमार ने लेखपाल को निर्देशित किया कि पोखर की पैमाइश कर कब्जाधारियों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार करें और मौके से अतिक्रमण हटवाया जाए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि समस्या का जल्द स्थायी समाधान किया जाएगा।

संपूर्ण समाधान दिवस में कुल प्रार्थना पत्र

सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 112 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से अधिकतर शिकायतें राजस्व, बिजली बिल सुधार, पट्टा आवंटन, नाली-सफाई और जल निकासी व्यवस्था से संबंधित रहीं। डीएम ने कई प्रार्थना पत्रों का मौके पर ही निस्तारण कराया और शेष के लिए विभागीय अधिकारियों को समयसीमा निर्धारित कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

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