थाना कोहड़ौर प्रकरण – हत्या की आशंका असत्य, सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु

थाना कोहड़ौर प्रकरण – हत्या की आशंका असत्य, सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु

संवाददाता विनय कुमार मिश्रा प्रतापगढ

थाना कोहड़ौर प्रकरण में हत्या की आशंका निराधार – विस्तृत विवेचना में सड़क दुर्घटना से मृत्यु होना प्रमाणित

थाना कोहड़ौर, जनपद प्रतापगढ़ पर वादी ग्राम धन्नीपुर थाना कोहड़ौर, प्रतापगढ़ की तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 36/2026 धारा 103(1) बीएनएस एवं 3(2)V एससी/एसटी एक्ट बनाम 1. अनुज उर्फ मक्खन विश्वकर्मा, 2. उमाशंकर उर्फ बाबा गिरी एवं 3. अखिलेश शुक्ला पंजीकृत किया गया था। प्रकरण की विवेचना क्षेत्राधिकारी नगर श्री शिवनारायण वैस द्वारा स्वयं ग्रहण कर निष्पक्ष, वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित पद्धति से संपादित की गई।विवेचना के दौरान नकल चिक, नकल रपट, एफआईआर लेखक के बयान, वादी व गवाहान के बयान, पंचायतनामा कार्यवाही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय अभिमत, घटनास्थल निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकार्ड (CDR), डिजिटल भुगतान विवरण, डायल-112 कॉल लॉग, पुलिस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट सहित समस्त उपलब्ध भौतिक एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का क्रमबद्ध परीक्षण किया गया। जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि दिनांक 25.02.2026 को मृतक वीरेन्द्र कुमार गौतम अपने परिचितों के साथ एक बारात कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ था। कार्यक्रम के दौरान मृतक एवं उसके साथियों द्वारा मदिरा/बीयर का सेवन किया गया, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज एवं ऑनलाइन भुगतान अभिलेखों से हुई है। रात्रि लगभग 21:30 बजे मृतक अकेले मोटरसाइकिल से आकाश पाण्डेय के निवास पर मोबाइल फोन वापस करने गया। मोबाइल सुपुर्द करने के उपरांत मृतक अकेले ही मोटरसाइकिल से वापस लौटा। सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों से यह स्थापित हुआ कि रात्रि लगभग 21:45 बजे लौली नहर पुल के समीप नहर मार्ग पर मोटरसाइकिल असंतुलित होकर सड़क किनारे स्थित विद्युत पोल से टकरा गई। टक्कर अत्यंत तीव्र थी, जिससे मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई तथा मृतक को गंभीर शारीरिक चोटें आईं। घटना की सूचना समय लगभग 21:50 बजे डायल-112 पर प्राप्त हुई, जिस पर पीआरवी तत्काल मौके पर पहुंची एवं एम्बुलेंस के माध्यम से घायल को जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ भिजवाया गया, जहां उपचार के दौरान दिनांक 26.02.2026 को रात्रि उसकी मृत्यु हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं चिकित्सकीय अभिमत में मृत्यु का कारण गंभीर सिर की चोट एवं आघातजनित चोटें अंकित की गई हैं, जो सड़क दुर्घटना से संगत हैं। विवेचना के दौरान नामजद व्यक्तियों की घटनास्थल पर उपस्थिति अथवा किसी प्रकार की मारपीट/आपराधिक कृत्य में संलिप्तता का कोई साक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ। मोबाइल सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से भी यह पुष्टि हुई कि घटना दुर्घटनावश हुई।
अतः समस्त उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर धारा 103(1) बीएनएस एवं 3(2)V एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत कोई अपराध सिद्ध नहीं हुआ है। यह स्पष्ट रूप से एक सड़क दुर्घटना का प्रकरण पाया गया है, न कि हत्या अथवा किसी आपराधिक षड्यंत्र का।
जनपद प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं वैज्ञानिक विवेचना कर वास्तविक तथ्यों को स्पष्ट किया गया

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