स्नेह, प्यार एवं पवित्रता का बंधन ही असली रक्षाबंधन – बी के पूजा दीदी
संवाददाता अनिल कुशवाहा
(झांसी)प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय शाखा टहरौली द्वारा धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन का पर्वl टहरौली केंद्र प्रभारी बी के पूजा दीदी जी ने सभी को शुभकामनाएँ देते हुए कहा रक्षाबंधन अर्थात पवित्रता का बंधन l इसमें सुंदर आध्यात्मिक अर्थ भी छुपा हुआ है — हर आत्मा के अंदर एक गहरी चाहना है: सच्ची सुरक्षा और स्थायी सुख पाने की।
यह पर्व हमें बड़े स्नेह से एक गहरा प्रश्न सोचने का अवसर देता है — आखिर हमारी सच्ची रक्षा कौन करता है? और हमें स्थायी सुख व शांति कहाँ से मिलती है? रक्षाबंधन का आध्यात्मिक अर्थ — और कैसे इसका वास्तविक अर्थ आत्मा को अंदर से सुरक्षित और मजबूत बना देता हैl परमात्मा की स्मृति ही हमारी सच्ची सुरक्षा है l जो हमे पवित्र बंधन में बांधती है l प्यार की बोली से सबका जीवन सुन्दर बनाए l अपने संबंधो को मधुर बनायेl अगर संबंधो में आत्मिक प्रेम और निःस्वार्थ भाव हो तो स्वतः एक दूसरे की सुरक्षा हो जाती है ll अंत मे सभी को परमात्म रक्षासूत्र बाँधा गया साथ ही ब्लेसिंग कार्ड भी दिए गये और मुख मीठा कराया गया l नगर के अधिकारी वर्ग, प्रशासन वर्ग, एडवोकेट , डॉक्टर्स , पत्रकार वर्ग,प्रधान जी , व्यापार वर्ग एवं नगर के गणमान्य भाई बहनों को बाँधा गया परमात्म रक्षा सूत्र llइस कार्यक्रम में अनेकों भाई बहने सम्मिलित रहे
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