प्रतापगढ़ पुलिस फेरी लगाने वालों पर हुई सख्त।
बिना सत्यापन के फेरी वाले नहीं बेंच पाएंगे सामान।
संवाददाता अमित शुक्ला: गांव और कस्बों में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस कठोर कदम उठाने जा रही है। अब फेरी या डेरा लगाने वाले बिना सत्यापन के अपना सामान बेच नहीं पाएंगे सभी थानों को इसके लिए एक प्रारूप भेजा गया है। जिसमें फेरी वालों का नाम उसके परिवार वितरण वर्तमान पता मूल पता समेत कई जानकारियां उसको देनी होगी यदि कोई भी व्यक्ति संदिग्ध मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी थानों प्रभारी इसकी रिपोर्ट प्रतापगढ़ एसपी को भेजनी होगी सर्दी का मौसम शुरू होते ही फेरी और डेरा लगाने वालों की अचानक संख्या में तेजी बढ़ जाती है फेरी वाले कहीं पर भी कमरा लेकर वह अपना माल डंप गांव-गांव में सप्लाई शुरू कर देते हैं।
इस प्रकार से डेरा वाले अपने परिवार के साथ किसी भी खाली स्थान पर रहकर अपना सामान बेचने लगते हैं इसमें शातिर अपराधी प्रवृत्ति के लोग भी रहते हैं जो बाद में पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन जाते हैं। गांव-गांव रेकी करने के बाद इस इनको घटना अंजाम देने में कोई दिक्कत नहीं आती इनका रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं होता है। इसलिए घटना होने पर आरोपितों की तलाश भी नहीं हो पाती इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने व्यवस्था शुरू कर दी है। फार्म में डेरा का नाम या फेरी वाले का नाम रहेगा परिवार के मुखिया का विवरण देना होगा परिवार के सदस्यों की संख्या व विवरण देना होगा परिवार के सदस्यों की संख्या व विवरण वर्तमान पता मूल पता मोबाइल नंबर आधार नंबर आपराधिक इतिहास डेरा को बसने वाले अथवा नजदीकी का संपर्क का विवरण पूर्व का निवास डेरा पर निवास करने वाला व्यक्तियों का चेकिंग का विवरण फार्म भरा जाएगा।
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