ऊंचाहार में RTE की 25% सीटों पर सवाल पोर्टल खुलने से पहले ही ‘फुल’ दिखीं सीटें, अभिभावक ने 1076 पर की शिकायत

ऊंचाहार में RTE की 25% सीटों पर सवाल पोर्टल खुलने से पहले ही ‘फुल’ दिखीं सीटें, अभिभावक ने 1076 पर की शिकायत

रायबरेली से संवाददाता महेश शुक्ला की रिपोर्ट

रायबरेली, ऊंचाहार । सरकार की बहुउद्देशीय योजना Right to Education (RTE) के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों को लेकर ऊंचाहार क्षेत्र में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। सलीमपुर भैरव निवासी एक अभिभावक ने आरोप लगाया है कि पोर्टल खुलने से पहले ही नामी स्कूलों की सीटें “फुल” दिखा दी गईं, जिससे पात्र बच्चों को प्रवेश से वंचित होना पड़ रहा है।अभिभावक धीरेंद्र कुमार का कहना है कि वह पिछले दो वर्षों से अपने बच्चे के प्रवेश के लिए प्रयासरत हैं। पिछले वर्ष भी उन्होंने RTE के तहत कई विद्यालयों में आवेदन किया था, लेकिन “सीटें भर चुकी हैं” बताकर आवेदन निरस्त कर दिया गया। इस वर्ष भी वह जनवरी के अंतिम सप्ताह से साइबर कैफे के माध्यम से RTE पोर्टल चेक कर रहे थे। सामान्यतः पोर्टल एक दिसंबर से संचालित होता है, किंतु इस बार दो फरवरी से चालू हुआ।आरोप है कि क्षेत्र के प्रमुख विद्यालय पोर्टल पर प्रदर्शित ही नहीं हुए। जिन विद्यालयों में आवेदन किया गया, वहां ऑनलाइन स्टेटस में “सीटें फुल” का रिमार्क दर्ज दिखा।

धीरेंद्र कुमार ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज कराई है। उनका सवाल है कि प्रथम चरण में ही सीटें कैसे भर सकती हैं, जबकि आवेदन प्रक्रिया अभी शुरू ही हुई है।इस संबंध में जब बीएसए रायबरेली से बात की गई तो उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि प्रथम चरण में सीटें फुल होना संभव नहीं है। उन्होंने अभिभावक से आवेदन की प्रति व्हाट्सएप पर मंगवाई है और जांच का आश्वासन दिया है।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। यदि आरोप सही पाए गए तो यह न केवल सरकारी योजना की मंशा पर सवाल खड़ा करेगा, बल्कि गरीब बच्चों के बेहतर शिक्षा के सपने को भी आघात पहुंचाएगा। फिलहाल अभिभावकों में आक्रोश है और वे पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।

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