152 बच्चों के निवाले पर सवाल! जेवरी मिडिल स्कूल में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की खुली पोल, वीडियो में दिखी बदहाल रसोई
जिला संवाददाता ताम्रध्वज साहू
बेमेतरा । ग्राम पंचायत जेवरी के मिडिल स्कूल में बच्चों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सामने आए वीडियो में स्कूल की रसोई व्यवस्था बेहद अव्यवस्थित नजर आ रही है। एक ओर जहां सीमित मात्रा में भोजन तैयार होता दिखाई दे रहा है, वहीं दूसरी ओर रसोई की स्थिति भी बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर सवाल खड़े कर रही है। वीडियो में रसोई के भीतर बर्तन, चूल्हा और तैयार सब्जी/दाल जैसी सामग्री दिखाई दे रही है। वहीं स्कूल परिसर में मौजूद बच्चों से भोजन को लेकर बातचीत भी की गई, जिसमें बच्चों ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर अपनी शिकायतें बताई हैं। बच्चों का कहना है कि उन्हें कई बार चावल में कीड़े और कंकड़ जैसी चीजें मिलने की समस्या होती है। बताया जा रहा है कि स्कूल में करीब 152 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन बच्चों के अनुसार इतने विद्यार्थियों के लिए भोजन की मात्रा पर्याप्त नहीं है। आरोप है कि सरकार द्वारा निर्धारित मीनू के अनुसार अचार, पापड़ सहित अन्य खाद्य सामग्री भी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
जर्जर व्यवस्था के बीच बच्चों की पढ़ाई
दूसरे वीडियो में स्कूल भवन की छत की स्थिति भी सामने आती है, जहां प्लास्टर उखड़ा हुआ और छत का हिस्सा जर्जर दिखाई दे रहा है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा और स्कूल भवन के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। वहीं बच्चों के लिए पर्याप्त पंखों की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत भी सामने आई है। गर्मी के मौसम में विद्यार्थियों को किन परिस्थितियों में पढ़ाई करनी पड़ रही है, यह भी जांच का विषय है।
एक ही व्यक्ति के पास दो समितियों की जिम्मेदारी?
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहा है कि शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और किचन शेड समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति के पास होने से क्या स्कूल की व्यवस्थाओं की निगरानी प्रभावी ढंग से हो पा रही है?
जांच हुई तो सामने आ सकती है पूरी हकीकत
मामले में संबंधित विभाग द्वारा स्कूल का अचानक निरीक्षण, मध्यान्ह भोजन के लिए प्राप्त चावल एवं खाद्य सामग्री का स्टॉक, प्रतिदिन पकने वाले भोजन की मात्रा, विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या, निर्धारित मीनू, भोजन वितरण रजिस्टर और गुणवत्ता की जांच किए जाने की जरूरत है। बच्चों के भोजन से जुड़ा मामला होने के कारण इसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। यदि वीडियो और बच्चों द्वारा लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं स्कूल प्रबंधन और संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।












