राम कथा से व्यक्ति के जीवन में होता है सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह

राम कथा से व्यक्ति के जीवन में होता है सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह

दैनिक चक्र
जिला संवाददाता
अवधेश चंद्र पांडेय

प्रतापगढ़। राम कथा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह जाग्रत करती है। मनुष्य आज आधुनिक जगत में नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव में फंसकर अपने सिद्धांतों को भूल रहा है। माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान तथा समाज में शांति और सद्भावना का संदेश देना महज अमृतमई श्री राम कथा से ही संभव है। राम कथा व्यक्ति के जीवन में उसे हर परिस्थितियों से उभर कर एक सुखद जीवन की ओर पथ प्रदर्शित करती है। जिससे मनुष्य अपने जीवन की हर बुराइयों पर विजय प्राप्त करके जीवन के मूल्य पर गहन विचार विमर्श करता है। यह बातें धर्मार्थ श्री सीताराम नाम ट्रस्ट के तत्वावधान में चल रही श्री राम कथा के दौरान अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तथा वाचक श्री अतुल जी महाराज ने कथा के दौरान कही। साथी अतुल जी महाराज ने कहा की समाज में व्यक्ति को एक अभूतपूर्व ऊर्जा के संचालन के साथ माता-पिता गुरुजनों का सम्मान भी करना चाहिए। संत समाज,समाज में एक अलग स्थान रखता है।शास्त्रों में विदित है की जिस भी व्यक्ति के दरवाजे पर संत का समागम होता है उसके किस्मत के द्वार खुल जाते हैं। श्री राम कथा के दौरान पूज्य महाराज जी ने गुरु महिमा,तुलसी विशेष,गुरु साधु संत समागम,सनातन विशेष,मंगलाचरण प्रारंभ, साधु भगवान समीक्षा समेत अन्य प्रसंगों पर भी प्रकाश डाला। पूज्य महाराज जी ने बताया की चंदन जनेऊ और शिखा सनातन धर्म की पहचान है। आज सनातन धर्म पर टीका टिप्पणी करने वाले व्यक्तियों के द्वारा कई असभ्य पूर्ण बातें कही जाती हैं। परंतु सनातन धर्म का जितना विरोध होता है वह उतना ही और मजबूत होता है। इस दौरान कथा स्थल पर मुख्य अजमान अशोक पांडेय, ओमानंद द्विवेदी, सुनील द्विवेदी पप्पू, सुनील दुबे, विनीत दुबे, रामबदन पांडेय, राजकुमार मिश्रा, मुन्नू पांडेय, सुरेश द्विवेदी, अरविंद तिवारी, राधेश्याम तिवारी, प्रशांत तिवारी, राज शुक्ला, आशीष द्विवेदी, ज्ञानेंद्र भूषण मिश्रा, शिव शंकर मिश्र नेता, प्रवीण मणि त्रिपाठी,जयेंद्र भूषण,देवी प्रसाद पाण्डेय समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

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