संविदाकर्मी की पीट-पीटकर हत्या से लीलापुर में सनसनी, छह नामजद समेत छह अज्ञात पर मुकदमा
जिला संवाददाता अमित शुक्ला
प्रतापगढ़। लीलापुर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते संविदाकर्मी सौरभ विश्वकर्मा की बेरहमी से पिटाई कर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। सौरभ लालगंज स्थित सप्लाई कार्यालय में संविदा पर कार्यरत था। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी से घर लौटते समय रास्ते में घेरकर लाठी-डंडे, सरिया और धारदार हथियारों से उस पर हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सौरभ की मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक के पिता मोतीलाल विश्वकर्मा की तहरीर पर पुलिस ने छह नामजद और छह अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।ड्यूटी से लौटते समय घेरकर हमलापरिजनों के मुताबिक, 13 अगस्त की शाम करीब सात से सवा सात बजे के बीच सौरभ लालगंज स्थित सप्लाई कार्यालय से ड्यूटी समाप्त कर बाइक से घर लौट रहा था। आरोप है कि लक्ष्मणपुर से करीब 150 मीटर आगे पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उसे रोक लिया और मारपीट शुरू कर दी।तहरीर में संजय तिवारी, दरोगा तिवारी, सोनू तिवारी और अनुज तिवारी समेत अन्य लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का दावा है कि हमलावरों ने सरिया, लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से सौरभ पर हमला किया तथा उसका मोबाइल भी छीन लिया।
गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, इलाज के दौरान मौत
हमले के बाद सौरभ गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर पड़ा रहा। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर उसके मित्र सोनू उपाध्याय और शुभम पांडेय भी पहुंचे और घायल सौरभ को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ ले गए।डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी रही। उपचार के दौरान सौरभ ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।चार महीने पहले फायरिंग का भी लगाया आरोप परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपियों से उनका पुराना विवाद चल रहा था। परिवार का दावा है कि करीब चार महीने पहले भी आरोपियों ने उनके घर पहुंचकर कई राउंड फायरिंग की थी और जान से मारने की धमकी दी थी। परिजनों का आरोप है कि पूर्व की घटना में यदि प्रभावी कार्रवाई हुई होती तो शायद यह वारदात रोकी जा सकती थी। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
साजिश के तहत हत्या का आरोप
परिवार ने संजय तिवारी और अशोक तिवारी पर साजिश रचकर सौरभ की हत्या कराने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते सौरभ को रास्ते में घेरकर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया। पुलिस अब घटना की वजह, हमले में शामिल सभी लोगों की भूमिका और वारदात के पीछे किसी साजिश की संभावना की जांच कर रही है।
पुलिस जांच में जुटी मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस नामजद आरोपियों के साथ छह अज्ञात आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, सौरभ की मौत के बाद परिजन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।












