प्रतापगढ़ में ग्राम पंचायतों की चल परिसंपत्तियों पर सख्ती, 19 परिसंपत्तियां जमा करने का निर्देश
प्रतापगढ़। संवाददाता अमित शुक्ला
जनपद प्रतापगढ़ में ग्राम पंचायतों की चल परिसंपत्तियों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) द्वारा ग्राम पंचायतों की कुल 19 चल परिसंपत्तियां तत्काल जमा कराने का निर्देश जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पंचायत स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार कई ग्राम पंचायतों में फॉगिंग मशीन, मनरेगा के तसले-फावड़े जैसी जरूरी चल परिसंपत्तियां सूची से गायब पाई गई हैं। वहीं बिना रजिस्ट्रेशन के कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां वर्षों से ग्राम प्रधानों के दरवाजों पर खड़ी रहीं, जो अब निर्देश के बाद ग्राम पंचायत सचिवालयों में धूल फांकती नजर आएंगी। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि जिन ग्राम प्रधानों ने कथित रूप से भ्रष्टाचार करते हुए सिर्फ कागजों में ही चल परिसंपत्तियों की खरीद दिखाई, उनकी वास्तविक बरामदगी अब कैसे दर्शाई जाएगी। कई ग्राम पंचायतों में अधिकांश चल परिसंपत्तियां या तो क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं या पूरी तरह अनुपयोगी हो गई हैं। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि चल परिसंपत्तियां खराब या नष्ट हो गई हैं तो उनकी भरपाई किससे की जाएगी। क्या इसके लिए संबंधित ग्राम प्रधानों से वसूली होगी, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा पंचायतों में लगे कंप्यूटरों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कुछ प्रधानों के करीबी लोगों ने इन कंप्यूटरों पर गेम खेलकर उन्हें डैमेज कर दिया, जिससे सरकारी संसाधनों को नुकसान पहुंचा। ऐसे में इन कंप्यूटरों के नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी, यह भी तय होना बाकी है।
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि डीपीआरओ को चाहिए कि सभी चल परिसंपत्तियां सोशल ऑडिट टीम के सामने जमा कराई जाएं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन-कौन सी परिसंपत्तियां उपयोग योग्य हैं और कौन सी खराब हो चुकी हैं।
साथ ही परिसंपत्तियों के नुकसान की जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग पर अंकुश लगाया जा सके।












