जनपद एटा में गुटखा–पान मसाला की कालाबाज़ारी का खेल तेज
संवाददाता योगेन्द्र सिंह
एमआरपी से ज्यादा वसूली, सप्लाई की आड़ में उपभोक्ताओं से खुली लूट
एटा जिले में इन दिनों गुटखा और पान मसाला की कृत्रिम कमी दिखाकर उपभोक्ताओं से खुलेआम एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जा रही है। 5 और 15 रुपये की पुड़िया 7 से 20 रुपये तक में बेची जा रही है। विरोध करने पर ग्राहकों को “माल कम है” कहकर टाल दिया जाता है। सूत्रों के मुताबिक, जिले के कुछ थोक विक्रेता जानबूझकर सप्लाई प्रभावित कर बाजार में कृत्रिम अभाव की स्थिति बना रहे हैं। इस वजह से खुदरा दुकानदार ब्लैक में माल बेच रहे हैं। खुदरा व्यापारियों का आरोप है कि थोक स्तर पर ही अधिक दाम वसूले जा रहे हैं, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। उपभोक्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, लेकिन अधिकांश लोग शिकायत करने से बच रहे हैं। प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठने लगे हैं। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो कालाबाज़ारी का यह खेल और बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एमआरपी से अधिक वसूली उपभोक्ता अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस इस मामले में कब सख्ती दिखाते हैं, या फिर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रही यह अतिरिक्त मार यूं ही जारी रहेगी।












